- मयूर विहार से एम्स तक बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर जुलाई में जनता के लिए खुल सकता है
- इस 3.5 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर से करीब 1 घंटे वाला सफर सिर्फ 15 से 20 मिनट का रह जाएगा
- फ्लाईओवर पर सिग्नल का टेंशन भी नहीं. जाम कम होगा और रिंग रोड की ट्रैफिक समस्या में सुधार होगा
दिल्लीवालों का 11 साल का इंतजार जल्द खत्म होने को है. मयूर विहार से एम्स को जोड़ने वाला 'बारापुला फेज-3' फ्लाईओवर 10-15 जुलाई के बीच जनता के लिए खुल सकता है. सोमवार को इस फ्लाईओवर का आखिरी स्लैब डाला जाएगा. इसके बाद कुछ दिनों में साफ-सफाई का काम पूरा हो जाएगा. इस एलिवेटेड कॉरिडोर के खुलते ही जिस मयूर विहार से एम्स तक पहुंचने में पहले जाम की वजह से करीब 1 घंटा लगता था, वहां सिर्फ 15 से 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. खास बात यह है कि इस फ्लाईओवर पर सिग्नल फ्री सफर का अनुभव मिलेगा.
बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर के खुलने से बिना रेड लाइट के जाम फ्री सफर का एक्सपीरियंस मिलेगा. इससे आसपास जैसे रिंग रोड की सड़क पर भी जाम का प्रेशर कम होगा. इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.
बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर की खास बातें
- बारापुला फ्लाईओवर 3.5 किमी. लंबा
- मयूर विहार से एम्स तक पुल से 9 किमी. का सफर ह
- 11 साल पहले साल 2015 में मिली थी परियोजना को मंजूरी
- पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली के बीच सफर होगा आसान
- अभी नई दिल्ली या रिंग रोड से होकर पूर्वी से पश्चिमी दिल्ली जाना पड़ता है
बिना लाल बत्ती एम्स तक पहुंचेंगे
इस फ्लाईओर के शुरू होने से बिना किसी लाल बत्ती पर रुके मयूर विहार से सीधे एम्स के पास पहुंचा जा सकेगा. इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि समय भी कम लगेगा. साथ ही जाम से भी मुक्ति मिलेगी. इससे रिंग रोड पर आश्रम से एम्स तक वाहनों का दबाव कम होगा. दिल्लीवाले लंबे समय से इस एलिवेटेड कॉरिडोर का इंतजार कर रहे हैं. सबसे ज्यादा फायदा उन लाखों लोगों को होगा जो हर दिन सुबह-शाम रिंग रोड और सराय काले खां के भयंकर जाम में अपना कीमती समय खपा देते हैं.
जुलाई तक फ्लाईओवर पर दौड़ेंगे वाहन
मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक यह 3.5 किमी. लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर अब पूरा होने को है. पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा के ने इस प्रोजेक्ट के 30 जून तक जनता को समर्पित किए जाने की बात कही थी. लेकिन अब कहा जा रहा है कि जुलाई में यह वाहनों की आवाजाही के लिए खोला सकता है.
दिल्ली के इन इलाकों को होगा फायदा
आईएनए, एम्स, साउथ एक्स, सरोजिनी नगर और आसपास से ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार, त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी, दल्लूपुरा, वेस्ट विनोद नगर जाने में करीब 10 से 15 मिनट का समय लगेगा. वर्तमान में नई दिल्ली से ईस्ट दिल्ली जाने में 50 मिनट से एक घंटे का समय लगता है.
11 साल बाद पूरा होने जा रहा काम
इस फ्लाईओवर का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा. 2015 में मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण के पेंच और ढिलाई के चलते सालों तक यह ठंडे बस्ते में पड़ रहा. नतीजन बजट कई गुना बढ़ गया और आम जनता को जाम से मुक्ति नहीं मिल पाई. देरी कहां हुई यह पता करने के लिए इसकी जांच एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने की. पर्यावरण के लिहाज से भी ये फ्लाईओवर काफी अहम है. इसके शुरू होने से हर दिन करीब 2 टन CO₂ के उत्सर्जन (लगभग 30,000 पेड़ों जितनी मात्रा) में कमी आएगी. साथ ही मयूर विहार से एम्स तक बिना लाल बत्ती वाले सफर का मजा मिलेगा.
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