मालवीय नगर अग्निकांड: "बचाओ-बचाओ!"... जब आग की लपटों के बीच गूंजी चीखें, आंखों देखी रिपोर्ट

दिल्ली के मालवीय नगर की घटना में नया वीडियो आया है. वीडियो बनाने वाली चश्मदीद अंजुम ने एनडीटीवी को पूरी घटना की जो बातें बताईं, वो कंपा देने वाला था. लोग चीख रहे थे. मौत से बचकर भागना चाहते थे, लेकिन मौत उन्हें छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी. मगर कुछ इंसान तभी फरिश्ते बनकर आए.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही इमारत धुएं से घिर जाती है, कई विदेशी नागरिक खिड़कियों से बाहर निकलते हैं.
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग में 21 लोगों की जान चली गई.
  • चश्मदीद अंजुम ने बताया कि आग और धुएं की वजह से लोग फंसे हुए थे और मदद के लिए चीख रहे थे.
  • स्थानीय निवासी रियाज़ुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे ने नीचे गद्दे बिछाकर फंसे लोगों की जान बचाई थी.

बुधवार को दक्षिण दिल्ली के भीड़भाड़ वाले मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में एक होटल में लगी भीषण आग का नया वीडियो एनडीटीवी के पास आया है. इस घटना की चश्मदीद ने जो एनडीटीवी को बताया वो ना सिर्फ दिल दहलाने वाला है, बल्कि मौत से सामना कराने वाला है. इस आग में नौ भारतीयों और 12 विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की मौत हो गई. एनडीटीवी को 46 वर्षीय अंजुम ने बताया कि उन्होंने फ्लोरिश स्टे होटल के सामने स्थित अपने घर से इस घटना को अपनी आंखों से देखा.

चश्मदीद अंजुम से जानिए कैसा था वो मंजर

“सुबह करीब 8:30 बजे हमें कुछ जलने की गंध आई. पहले तो हमें लगा कि यह हमारे घर से आ रही है. फिर आग देखी. आग जला रही थी और धुंआ दम घोंट रहा था. लोग चीख रहे थे. चीखों से पूरी गली डरावनी हो गई थी. उनकी चीखें बहुत ही भयानक थीं. मैं मदद करना चाहती थी, लेकिन मेरे पिता हृदय रोगी हैं और मुझे डर था कि धुआं मेरे पिता को भी नुकसान पहुंचा सकता है. अपनी आंखों के सामने ऐसा होते देखना सचमुच दिल दहला देने वाला था. इलाके के पुलिसकर्मियों ने पूरी कोशिश की. उनमें से कुछ के कपड़ों पर खून लगा हुआ था. मुझे याद है कि हेड कांस्टेबल दिनेश यादव और एक अन्य स्थानीय निवासी, जिनका नाम मुझे नहीं पता, ने लोगों की मदद करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली. उन्होंने उस दिन कई लोगों की जान बचाई.” 

दिल्ली के मालवीय नगर में आग के बाद बिल्डिंग की कुछ ऐसी हो गई हालत.

मालवीय नगर में जब जिंदा बन गए लाश

अंजुम ने एनडीटीवी को अपने घर की खिड़की से शूट किए गए वीडियो दिखाए. वीडियो में होटल के अंदर फंसे मेहमानों की मदद की गुहार के बेबस पल कैद हैं. एक क्लिप में, एक विदेशी महिला को अपने कमरे से निकलते घने काले धुएं के बीच बार-बार मदद के लिए चीखते हुए सुना जा सकता है. वो रो रही है. किसी तरह उस मनहूस आग और धुएं से बचकर जिंदगी के पास जाना चाहती है, लेकिन आग और धुएं उसे निगल लेने को जैसे बेकाबू हुआ जा रहा है. इसी बीच कैमरा होटल के दूसरी तरफ घूमता है. खिड़कियों और रेलिंग पर कई औरतें लाशों की तरह खड़ी हैं. एक पल को देखकर लगता ही नहीं है वो जिंदा हैं. वो इतना भयानक दृश्य है कि दिमाग पर छा जाता है. साफ समझ आता है कि इतनी ऊंचाई से कूदने की हिम्मत उन औरतों में नहीं बची. वो किसी तरह दम साधे बस सांस ले रही हैं.  तभी फिर कैमरे में एक अफ्रीकी महिला अपनी जान बचाने के लिए सीवेज पाइप से नीचे उतरने की कोशिश कर रही है, जबकि कमरे के अंदर मौजूद एक व्यक्ति उसे गिरने से बचाने के लिए पकड़े हुए है. हौज रानी में कई सालों से रह रही अंजुम ने कहा कि उन्होंने जो देखा, उससे देखकर वह खुद कई पलों तक सन्न रह गईं.

“जो कुछ मेरी आंखों के सामने हो रहा था, उसे देखकर मैं सन्न रह गई. इमरजेंसी सर्विसेज को घटनास्थल तक पहुंचने में बहुत समय लग रहा था और यहां लोग तड़प रहे थे. जिंदगी की मिन्नतें कर रहे थे. एक-एक पल सदियों की तरह बीत रहा था और मौत तेजी से उन सभी लोगों की तरफ बढ़ती जा रही थी.” 

तभी फरिश्ता बनकर आए कुछ इंसान

वीडियो में दिखाया गया है कि इमारत में धुआं भर जाने पर कई विदेशी नागरिक खिड़कियों से किसी भी तरह बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ बाहर निकल गए हैं. नीचे खड़े निवासी अंदर फंसे लोगों से कूदने की मिन्नतें कर रहे हैं, मगर वो हौसला नहीं जुटा पा रहे. इमरजेंसी मदद का दूर-दूर तक कुछ पता नहीं है. तभी रियाज़ुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान जैसे फरिश्तों ने जलती हुई इमारत के नीचे लगभग 20 से 22 गद्दे बिछा दिए ताकि ऊपरी मंजिलों से कूदने में डर रहे लोगों को हौसला मिल सके कि वो कूदकर अपनी जान बचा लेंगे.

दिल्ली के मालवीय नगर में आग के बाद गली में कुछ ऐसा खौफनाक नजारा दिखा.

वीडियो में एक और फरिश्ता दिखता है, जो सीढ़ी चढ़कर इमारत के अंदर फंसी एक बूढ़ी महिला तक पहुंचता है. उन्हें सीढ़ी पर चढ़ाता है और सुरक्षित नीचे उतारने लगता है. महिला के खौफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो जमीन से चंद कदमों की दूरी पर आकर अपना धैर्य छोड़ देती हैं और नीचे फिसलकर गिर खड़े लोगों पर गिर जाती हैं. जाहिर है उन्हें गंभीर चोट आई होगी, लेकिन फिर भी वो उन बदनसीबों से ज्यादा सौभाग्यशाली रहीं, जो जलकर या धुएं में दम घुटने से अपनी जान गवां बैठे. वीडियो में आग की लपटें इमारत में तेजी से फैलती हुई, बिजली के तारों में आग लगती हुई और घना धुआं आसमान में उठता हुआ दिखाई दे रहा है.

Advertisement

अब भी 28 लोग अस्पताल में भर्ती

मालवीय नगर के होटल में ठहरे हुए कई लोग मैक्स सहित आस-पास के अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों के अटेंडेंट थे. वो तो आए थे कि अपनों का इलाज करा पाएं. उन्हें क्या पता था कि मौत उनका खुद इस होटल में इंतजार कर रही है. मैक्स अस्पताल से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इस घटना के कारण 13 विदेशी नागरिकों सहित 15 मरीज अभी भी भर्ती हैं. छह मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि नौ का इलाज आईसीयू और अस्पताल के वार्डों में चल रहा है.

अंजुम की दी हुई वीडियो देखें

Advertisement

क्यों लगी थी आग और इतनी क्यों हुई भयानक

सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने का संदेह है. हालांकि पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि आग सिलेंडर विस्फोट के कारण लगी होगी. जांचकर्ताओं ने यह भी पाया है कि होटल अनिवार्य अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना चल रहा था. एनडीटीवी को मिले दस्तावेजों से पता चलता है कि फ्लोरिश स्टे को बेड-एंड-ब्रेकफास्ट कैटगरी के तहत केवल छह कमरे (पहली और दूसरी मंजिल पर तीन-तीन) किराए पर देने की अनुमति थी. हालांकि, तहखाने सहित कुल 25 कमरे बना लिए गए थे. प्रारंभिक जांच में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां भी सामने आई हैं. इमारत में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था, जिससे निकासी मुश्किल हो गई थी. जांचकर्ताओं ने पाया कि कई खिड़कियां सीलबंद थीं और मुख्य प्रवेश द्वार सेंसर से ऑपरेट होता था, जिससे आग के दौरान बचाव कार्य और भी जटिल हो गया था.

ये भी पढ़ें-

मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल की संभावना जल्द, इन राज्यों के नेताओं को हो सकता है फायदा

Featured Video Of The Day
UP में Encounter सिर्फ वोट बैंक के लिए?'; लाइव डिबेट में भिड़े Congress और BJP के प्रवक्ता | CM Yogi