फुटपाथ पर रात गुजारने वालों के लिए DLSA का 'आसरा' कैंपेन, बेआसरा लोगों को ई-रिक्शा में बैठा पहुंचाया रैन बसेरा

जिला सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने 'आसरा' अभियान की शुरुआत की. कनॉट प्लेस की सड़कों पर रह रहे बेआसरा लोगों को ई-रिक्शा पर बैठा कर रैन बसेरे तक पहुंचाया गया.

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आसरा प्रोजेक्ट का मकसद लोगों को फुटपाथ से रैन बसेरे की ओर ले जाना
नई दिल्ली:

सड़क या फुटपाथ पर रहने को मजबूर लोगों की मदद के लिए दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने छत देने के लिए अभियान शुरू किया है. डीएलएसए कानूनी सहायता के साथ-साथ मानवता के प्रति भावनात्मक तौर से एक सामाजिक दायित्व निभाने की राह में निकल पड़ा है. भुखमरी और मुफ़लिसों से जूझ रहे कई लोग रोज सड़क किनारे या बीच फुटपाथ पर सोते-जागते हैं.  DLSA ने ऐसे मजबूर लोगों को खुले आसमान से रैन बसेरों में ले जाने के लिए 'आसरा' नाम से एक अभियान की शुरुआत की. 

जिला सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने 'आसरा' अभियान की शुरुआत की. कनॉट प्लेस की सड़कों पर रह रहे बेआसरा लोगों को ई-रिक्शा पर बैठा कर रैन बसेरे तक पहुंचाया गया. इस मौके पर न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों ने मिलकर सड़कों पर रह रहे लोगों को रैन बसेरों में आसरा लेने के प्रेरित किया. उस दौरान पुलिस ने कनॉट प्लेस में ऑपरेशन आसरा के तहत बहुत से गरीब बेसहारा लोगों को रैन बसेरे तक पहुंचाया.

दिल्ली में दिल्ली सरकार द्वारा तकबरीबन 300 नाइट शेल्टर्स चल रहे हैं. बहुत से लोग नाइट शेल्टर्स की बजाय सड़कों, फुटपाथ पर गुजर बसर कर रहे हैं. जो लोग खुले आसमान तले अकेले या अपने परिवार के साथ रहते हैं. उनको नाइट शेल्टर्स में रहने के लिए जागरूक करने की कवायद शुरू की गई है. इन नाइट शेल्टर्स में रहने खाने, पानी, शौचालय की सभी सुविधा प्रदान की जाएगी. आसरा प्रोजेक्ट का मकसद ऐसे लोगों को फुटपाथ से रैन बसेरे की ओर ले जाना. 

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वैसे तो DLSA लोगों को फ्री कानूनी सहायता देने के लिए जाना जाता है. मगर अब सरकार की जनता के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का भरपूर प्रयास कर रहा है. 

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दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका पर प्रक्रिया चल रही है जो मुख्य न्यायाधीश की बेंच में विचाराधीन है. उन्हीं की कोर्ट से निर्देश दिए गए थे कि जितने भी नाइट शैल्टर्स हैं उनमें वक्त बेवक्त जाकर मुआयना किया जाये. इसके बाद उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करके ख़ामियों को दूर किया जाए. 

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हाल ही में दिल्ली के रेन बसेरों में बहुत-सी कमियां सामने आई थीं. इन सभी कमियों की रिपोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की गई. हाईकोर्ट द्वारा दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) को डायरेक्शन दिया गया. इसके बाद DUSIB ने नाइट शैल्टर्स में आने वाली कमियों को पूरा किया.  

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DLSA के मेंबर सेक्रेटरी न्यायधीश कंवलजीत अरोड़ा ने कहा, "यह आसरा प्रोजेक्ट लोगों तक पहुंच सके इसलिए DLSA ने दिल्ली के 11 जिलों में अपने सचिव नियुक्त किये हैं, जो दिल्ली के नाइट शेल्टरों पर समय-समय पर जाकर निरीक्षण करते हैं. इस निरीक्षण के दौरान भोजन, पानी,शौचालयों से लेकर सभी कमियों की रिपोर्ट तैयार करके हाईकोर्ट में पेश करते हैं. 

इस दौरान, सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने फुटपाथ, सड़कों और शेल्टर्स में मादक पदार्थों के इस्तेमाल पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि स्टेक होल्डर्स को मिलकर काम करना पड़ेगा. खास तौर पर पुलिस को इस मामले में अहम भूमिका निभाने की जरूरत है. नाइट शेल्टर्स में गैर कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाना जरूरी है. ड्रग्स का बहुत बड़ा जाल फैला है इसको रोकना बेहद जरूरी है.

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