10 में से 3 बसें इलेक्ट्रिक रखनी होगी, दिल्ली की EV पॉलिसी में स्कूलों के लिए बनी गाइडलाइन

दिल्ली सरकार का यह आदेश पट्टे पर ली गई, प्राइवेट या किराए पर ली गई गाड़ियों सहित संपूर्ण स्कूल बस बेड़े पर लागू होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि यह परिवर्तन सभी प्रकार के संचालन को कवर करता है.

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दिल्ली सरकार की EV पॉलिसी का स्कूली बसों पर क्या पड़ेगा असर?
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  • दिल्ली सरकार की EV नीति में स्कूल बसों का 10 प्रतिशत हिस्सा 2 साल में इलेक्ट्रिक बसों में बदलना होगा.
  • 2030 तक दिल्ली के स्कूलों को अपने बस बेड़े का 30 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक बसों से संचालित करना अनिवार्य होगा.
  • नीति सभी प्रकार के स्कूल बस बेड़े पर लागू होगी जिसमें पट्टे पर ली गई और प्राइवेट बसें भी शामिल हैं.
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नई दिल्ली:

Delhi EV Policy: राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए उद्देश्य से बना मसौदा तय किया गया है. भविष्य की दिल्ली कैसी हो, हर साल जहरीली हो रही दिल्ली की हवा को कैसे साफ और स्वच्छ बनाए रखा जाए... इसके लिए कई बड़े प्लान तय किए गए हैं. दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति के मसौदे के अनुसार दिल्ली में चलने वाले वाहनों को लेकर नई नीतियां तय की गई है. इन नीतियों में दिल्ली के स्कूलों में चलने वाले वाहनों के लिए भी प्लान बनाए गए है. इसके अनुसार दिल्ली के स्कूलों को अपने बस बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें रखनी होगी. 

दो साल में 10 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक रखनी होगी

दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति के मसौदे के अनुसार, दिल्ली के स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके बस बेड़े का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा दो साल के भीतर इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित हो जाए. मतलब कि अभी दिल्ली के किसी स्कूल के 10 बसें हैं तो 2028 तक उस स्कूल को दो बस इलेक्ट्रिक रखनी होगी. 

2030 तक 10 में से 3 बसें इलेक्ट्रिक रखनी होगी

नयी नीति में संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने के लिए एक स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने का प्रयास किया गया है. मसौदे के अनुसार, नीति की अधिसूचना के तीसरे वर्ष के अंत तक यह लक्ष्य बढ़कर 20 प्रतिशत और 31 मार्च, 2030 तक 30 प्रतिशत हो जाएगा. यानि की 2030 तक दिल्ली के स्कूलों को 10 में से तीन बसें इलेक्ट्रिक रखनी होंगी.

यह आदेश पट्टे पर ली गई, प्राइवेट वाली या किराए पर ली गई गाड़ियों सहित संपूर्ण स्कूल बस बेड़े पर लागू होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि यह परिवर्तन सभी प्रकार के संचालन को कवर करता है.

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शिक्षा विभाग को नीति का पालन सुनिश्चित कराना होगा

शिक्षा विभाग सभी स्कूलों में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा. मसौदा नीति के अनुसार, विभाग आवश्यक निर्देश जारी करेगा, आवश्यकताओं को स्कूल मान्यता और संबद्धता प्रक्रियाओं में एकीकृत करेगा और परिवहन विभाग के समन्वय से अनुपालन की निगरानी करेगा.

नियमित जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा

मसौदे में स्कूलों में नियमित जागरूकता अभियान और शैक्षिक अभियान चलाने का भी आह्वान किया गया है ताकि छात्रों, शिक्षकों और प्रबंधन को वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसके प्रभावों और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में संवेदनशील बनाया जा सके.

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एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 2026-2030 के लिए नयी इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मसौदा परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है और अगले 30 दिनों तक जनता से प्रतिक्रिया और टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं.

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