- दिल्ली के द्वारका में हुए हिट-एंड-रन हादसे में साहिल धनेश्रा नामक युवक की जान चली गई थी
- आरोपी नाबालिग के पिता ने पीड़ित मां से माफी मांगी और अपने बेटे की गलती स्वीकार की है
- आरोपी के पिता ने न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए सभी कानून के आदेशों का पालन करने का आश्वासन दिया
दिल्ली के द्वारका इलाके में हुए दर्दनाक हिट-एंड-रन केस में साहिल धनेश्रा नाम के युवक की जान चली गई. अब इस मामले में स्कॉर्पियो चलाने वाले नाबालिग आरोपी के पिता ने गहरा अफसोस जताते हुए पीड़ित मां इन्ना माकन से माफी मांगी है और कहा कि उनके सामने जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे. PTI से बात करते हुए आरोपी के पिता ने स्वीकार किया कि उनके बेटे से बहुत बड़ी गलती हुई है.
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साहिल की मां से माफी मांगते हुए आरोपी के पिता बोले, "मैंने अपने वकीलों के जरिए उनके वकीलों से बात करने की कोशिश की थी कि एक बार चर्चा कर लें, अगर आपस में बात बन सके. लेकिन यह मामला अभी बहुत ताजा है और उस मां के सामने जाने की मेरी हिम्मत नहीं हो रही है."
"कानून के हर आदेश का करूंगा पालन"
आरोपी के पिता ने स्पष्ट किया कि वह न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करेंगे. उन्होंने कहा कि न्यायाधीश और कानून द्वारा जो भी आदेश दिया जाएगा, वह उसका पूरी तरह पालन करेंगे. उन्होंने कहा, "मैं उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।. मैं पूरे जीवन उनका आभारी रहूंगा. मैं जानता हूं कि मैं उनके इस दुख को कम नहीं कर सकता, लेकिन मैं सदैव उनका ऋणी रहूंगा." बेटे की इस घातक गलती पर पछतावा जताते हुए पिता ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए भी एक बड़ा सबक है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में उनके परिवार से ऐसी गलती दोबारा कभी नहीं होगी. उन्होंने दोहराया कि वह पीड़ित परिवार के प्रति हमेशा क्षमाप्रार्थी रहेंगे.
वहीं, माफी के सवाल पर NDTV से बात करते हुए इन्ना माकन ने कहा, "किस बात की माफी? मेरी जिंदगी खत्म कर देने की? क्या माफी इसलिए मांगी जा रही है क्योंकि अब यह मामला मीडिया में आ गया है? मैं उनकी माफी स्वीकार न करने के लिए माफी चाहती हूं."
इन्ना माकन ने रुंधे गले से सवाल किया कि अगर यही हादसा उनके (आरोपी के) बच्चे के साथ होता, तो क्या वे माफी स्वीकार कर पाते? उन्होंने साफ कहा कि अब वे उन रील्स को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि उनकी इस लापरवाही ने एक मां के जीने का सहारा छीन लिया. मेरी दुनिया उनकी माफी से वापस नहीं आ सकती… मैं क्या करूं? न मेरे लिए सुबह बची है, न शाम… न काम पर जाने की वजह, न उठने का कारण. क्या आपको लगता है मेरी जिंदगी कभी सामान्य हो पाएगी? पूरी चार्जशीट आने तक मैं कुछ भी नहीं कह सकती.”












