दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर नेपाल और बांग्लादेश के युवा सरकार बदल सकते हैं तो भारत के युवा पेपर लीक के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो सकते हैं. केजरीवाल ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है, लेकिन अब तक पेपर लीक मामलों में कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली.
NEET पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस बार भी कुछ बीजेपी नेताओं के नाम सामने आए हैं. उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर अब भी आवाज नहीं उठाई गई, तो हर साल पेपर लीक होते रहेंगे.
केजरीवाल ने युवाओं से सड़कों पर उतरने, आंदोलन करने और दोषियों को जेल भेजने की अपील की. इसके साथ ही केजरीवाल ने एनडीटीवी के उस सवाल का दिया जिसमे पीएम मोदी के अपील के बाद कई राज्यो के CM और केंद्रीय मंत्रियों ने अपने काफिले में की गई कटौती की है. केजरीवाल ने कहा कि सब बोझ सिर्फ मिडिल क्लास क्यों भुगते. प्रधानमंत्री को सबसे पहले सरकारी खर्चे में कटौती करने के लिए आदेश देना चाहिए.
बता दें कि, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने राजस्थान में NEET UG के पेपर लीक होने की खबरों के बाद कल परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था. नीट की यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी जिसमे करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रो ने हिस्सा लिया था. इस मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है और अभी तक करीब 16 लोगो को गिरफ्तार किया गया है.














