स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन को तुरंत बर्खास्त करें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल : बीजेपी

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दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता...
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने मांग की है कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन के हवाला के पैसे से जमीन खरीदने की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उन्हें सरकार से तुरंत बर्खास्त करें.

आयकर विभाग द्वारा की जा रही जांच में उनके हवाला कांड में लिप्त होने की बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि जब तक आयकर विभाग उन्हें आरोपों से बरी नहीं करता है, तब तक वे सरकार से बाहर रहें. केजरीवाल जो नैतिकता का इतना दम भरते हैं, उन्हें अपने मंत्रियों के गलत कामों पर पर्दा डाल कर नहीं रखना चाहिए.

विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सत्येन्द्र जैन और उनके परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों पर अनधिकृत कालोनियों के आस-पास बड़े लाभ की आशा में 200 बीघे से अधिक जमीन खरीदने का आरोप है. यह जमीन उनके मंत्री बनने से पहले खरीदी गई थी. परंतु, एक दुराचरण वाला व्यक्ति आप सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के महत्वपूर्ण पद पर आसीन किया गया. जमीन की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त और हवाला कारोबार यह बताते हैं कि जो पार्टी  भ्रष्टाचार समाप्त करने का नारा लगाती है, उसी के मंत्रीगण इस कदर भ्रष्टाचार तथा कानूनों के उल्लघंन में लिप्त हैं.

गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार को यह पता है कि देर-सबेर मंत्री सत्येन्द्र जैन को भी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किये जाने की सम्भावना है. इसीलिए पहले से ही मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री ने यह शोर मचाना शुरू कर दिया है कि सीबीआई बदले की भावना से आप सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन को गिरफ्तार करना चाहती है. यदि सत्येन्द्र जैन की गिरफ्तारी होती है तो वे दिल्ली सरकार के चौथे मंत्री होंगे जो आर्थिक अपराध के कारण गिरफ्तार होंगे.

इस समय मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है. इसी सिलसिले में जब आयकर विभाग ने सत्येन्द्र जैन तथा उनकी पत्नी आदि के नामों से बनाई गई कम्पनियों द्वारा दिल्ली में बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-फरोख्त की जांच की तब पता चला कि वर्ष 2010-11 से वर्ष 2013-14 के दौरान दिल्ली के औचन्दी गांव, कराला गांव, निजामपुर आदि में 27 करोड़ रुपये से लगभग 200 बीघा जमीन विभिन्न कम्पनियों के नाम पर खरीदी गई. मीडिया के अनुसार हवाला के जरिये सत्येन्द्र जैन की कम्पनी अकिंचन डेवलपर्स को 2.84 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे. जिस समय दिल्ली में जमीन खरीदी गई उस समय इस कम्पनी में 20 प्रतिशत के हिस्सेदार स्वयं सत्येन्द्र जैन थे. 30 मई 2013 को सत्येन्द्र जैन ने कम्पनी से इस्तीफा दे दिया ताकि स्वयं को सौदे से अलग बताकर पल्ला झाड़ा जा सके.

अंकिंचन डेवलपर्स कंपनी पर जेजे आइडियल एस्टेट के लिए और मंगलायतन के माध्यम से सत्येन्द्र जैन की पत्नी व अन्य रिश्तेदारों का नियंत्रण है. सत्येन्द्र जैन ने प्रयास इन्फो सल्यूसंस कम्पनी के नाम पर 55 लाख रुपये में कराला गांव के निवासी नारायण सिंह से 5 बीघा जमीन 21 मई 2011 को खरीदी थी. आयकर की जांच में पता चला है कि कम्पनी को 2011-12 में हवाला के जरिये 1.80 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे. यही पैसा जमीन खरीद में लगाया गया. आयकर विभाग की जांच से यह साबित हो गया है कि जमीन की खरीद के पंजीकरण कागजात में सत्येन्द्र जैन के हस्ताक्षर हैं. उनकी फोटो भी पंजीकरण कागजात पर लगी हुई है. इसी तरह मंगलायतन प्रोजेक्ट प्रा. लि. के नाम लगभग 2.70 करोड़ रुपये लगाकर निजामपुर गांव में 24 बीघा जमीन 8 फरवरी 2013 को खरीदी गई. जांच में अभी और खुलासे होने बाकी हैं.
    
इससे पहले जितेन्द्र तोमर, आसीम अहमद खान, संदीप कुमार  विभिन्न आरोपों के कारण गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं. इन सभी मंत्रियों की गिरफ्तारी से पहले और गिरफ्तारी के बाद भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को गुमराह करने के लिए यह शोर मचाया था कि क्रेन्द सरकार बदले की भावना से सीबीआई द्वारा मंत्रियों को गिरफ्तार करवा रही है, जबकि आम आदमी पार्टी के मंत्रियों द्वारा पद और सत्ता का दुरुपयोग करके अपराध करने का सत्य सबके सामने है.
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