शरद पवार ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उचित समय पर संविधान में संशोधन करके सुलझाना चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आरक्षण पर फैसले संसद के माध्यम से लेने की बात कही. शरद पवार ने कहा कि आरक्षण पर बहस छिड़ गई है. इस बात की चिंता है कि इस बहस से समुदाय में कटुता पैदा होगी.