- गरीबों के लिए राशन से जुड़े PDS घोटाले में ED ने कोलकाता, हावड़ा और बर्धमान में 11 ठिकानों पर छापेमारी की
- जांच में पाया गया कि सरकारी गेहूं की पहचान मिटाकर उसे अवैध रूप से विदेश और बाजार में बेचकर भारी मुनाफा कमाया
- निरंजन चंद्र साहा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई, जो एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे
पश्चिम बंगाल में गरीबों को मिलने वाले राशन से जुड़े पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के बड़े घोटाले में ED एक बार फिर कार्रवाई की है. 25 अप्रैल 2026 को ED की कोलकाता जोनल टीम ने कोलकाता, हावड़ा और बर्धमान में कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई निरंजन चंद्र साहा और उसके साथियों से जुड़े ठिकानों पर की गई, जहां से 18.4 लाख रुपये नकद, कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं. ED के मुताबिक, ये सबूत मनी लॉन्ड्रिंग के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं.
बसीरहाट थाने की FIR से शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एक FIR से हुई थी, जो बसीरहाट थाने में दर्ज की गई. यह शिकायत घोजाडांगा लैंड कस्टम्स स्टेशन (LCS) के डिप्टी कमिश्नर ऑफ कस्टम्स की ओर से दी गई थी. जिसमें आरोप था कि गरीबों के लिए भेजा गया PDS गेहूं बड़े पैमाने पर गबन कर लिया गया और उसे बांग्लादेश तक अवैध रूप से निर्यात किया गया.
सरकारी गेहूं की पहचान मिटाकर किया गया खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी लोग सरकारी गेहूं को सस्ते दामों पर गैरकानूनी तरीके से खरीदते थे. इसके बाद जिन बोरियों में गेहूं भरा होता था, उन पर लगे FCI और सरकारी निशानों को हटा दिया जाता या उल्टा कर दिया जाता, ताकि उसकी पहचान छुपाई जा सके. इसके बाद उसी गेहूं को नई पैकेजिंग में भरकर खुले बाजार या विदेश भेज दिया जाता था. इस पूरे खेल से सरकार को भारी नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों ने मोटा मुनाफा कमाया.
तीन आरोपियों पर चार्जशीट, संगठित नेटवर्क का खुलासा
पुलिस जांच के दौरान निरंजन चंद्र साहा, साहाबुद्दीन शेख और शाहिदुर रहमान को गिरफ्तार किया जा चुका है और इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. जांच एजेंसियों के अनुसार, यह एक बेहद संगठित नेटवर्क था, जिसमें एक्सपोर्टर, थोक व्यापारी, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और कमीशन एजेंट शामिल थे. यह नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ था और इसके तार दूसरे राज्यों तक जुड़े हुए थे.
175 ट्रकों में भरा 5,101.25 मीट्रिक टन गेहूं बरामद
सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब करीब 5,101.25 मीट्रिक टन PDS गेहूं बरामद किया गया. यह गेहूं लगभग 175 ट्रकों में लदा हुआ था और अलग‑अलग स्थानों से पकड़ा गया. जांच में बड़ी संख्या में फर्जी बिल, चालान, इनवॉइस और ट्रक से जुड़े दस्तावेज भी मिले. इनमें से अधिकांश दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिनमें गाड़ियों के सही नंबर, GST डिटेल्स, लेन‑देन का कोई पुख्ता रिकॉर्ड मौजूद नहीं था. इससे साफ हो गया कि यह सब कुछ सोची‑समझी साजिश के तहत किया जा रहा था.
PDS सप्लाई चेन के भीतर घुसपैठ
ED की जांच में यह भी सामने आया कि इस घोटाले में शामिल लोग PDS सप्लाई चेन के अंदर ही घुसपैठ करके काम कर रहे थे. सप्लायर, डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर और बिचौलियों की मिलीभगत से गेहूं को बड़े पैमाने पर डायवर्ट किया जाता और अलग‑अलग जगहों पर जमा किया जाता और फिर पहचान बदलकर वैध स्टॉक के रूप में बाजार में बेचा जाता था. ED ने बताया कि इससे पहले भी इसी तरह के PDS घोटाले की जांच चल चुकी है, जिसमें हजारों करोड़ रुपये के काले धन का खुलासा हुआ था.
उस मामले में चावल मिल मालिक, आटा मिलर्स, सरकारी डिस्ट्रीब्यूटर्स, कोऑपरेटिव सोसायटी के लोगों की मिलीभगत सामने आई थी. आरोप है कि इन लोगों ने जानबूझकर कम मात्रा में राशन बांटा, पुराने आटे को नए आटे में मिलाया, फर्जी किसानों के नाम पर बैंक अकाउंट खोलकर, MSP की रकम हड़प ली.
75 करोड़ की संपत्ति अटैच, पूर्व मंत्री भी गिरफ्तार
इस बड़े घोटाले में अब तक 75 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं, 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें बकीबुर रहमान और पूर्व मंत्री ज्योति प्रिय मलिक भी शामिल हैं. ED ने इस मामले में 12 दिसंबर 2023 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद 4 सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल की जा चुकी हैं. अगर हालिया कार्रवाइयों की बात करें तो ED ने 10 अप्रैल 2026 को 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 30.9 लाख रुपये नकद मिले थे. 25 अप्रैल की रेड को मिलाकर अब तक कुल 49.3 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं.
गरीबों के हक पर डाका: ED
ED का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क गरीबों के हक पर डाका डालने का काम कर रहा था. सरकारी राशन को ब्लैक मार्केट और विदेशों में बेचकर करोड़ों रुपये का अवैध मुनाफा कमाया जा रहा था. फिलहाल एजेंसी मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.














