सीबीआई ने तीन अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को पकड़ा, मलेशिया किया गया डिपोर्ट

सीबीआई ने इंटरपोल के सहयोग से एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई करते हुए तीन रेड कॉर्नर नोटिस जारी अपराधियों को मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़कर मलेशिया डिपोर्ट किया.

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  • CBI ने इंटरपोल की मदद से तीन भगोड़े अपराधियों को मुंबई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर मलेशिया भेजा है
  • गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था और वे मलेशियाई एजेंसियों के वांटेड थे
  • आरोपियों पर संगठित अपराध, अवैध लाभ और प्रभाव हासिल करने की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं
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मुंबई:

CBI ने इंटरपोल के सहयोग से एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम दिया है. तीन ऐसे भगोड़े अपराधियों को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया और उन्हें मलेशिया डिपोर्ट किया गया, जिनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था. यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ विदेश संग सहयोगी अभियान की बड़ी मिसाल मानी जा रही है.

एयरपोर्ट पर तीनों भगोड़े गिरफ्तार, डिपोर्ट किए गए आरोपियों के नाम हैं—

  • श्रीधरन सुब्रमणियम
  • प्रतिफकुमार सेल्वराज
  • नविंद्रेन राज कुमारासन

कैसे पकड़े गए तीनों आरोपी

ये तीनों आरोपी संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में मलेशियाई एजेंसियों के वांटेड थे. उन पर गंभीर अपराधों को अंजाम देने, अवैध फायदे, ताकत और प्रभाव हासिल करने की साजिश रचने के आरोप हैं. CBI के मुताबिक, तीनों आरोपी यूनाइटेड किंगडम से भारत पहुंच रहे थे, लेकिन मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश की इजाजत नहीं दी. इसके तुरंत बाद इंटरपोल की मलेशिया शाखा NCB कुआलालंपुर ने NCB नई दिल्ली से संपर्क कर इन आरोपियों को मलेशिया भेजने में मदद मांगी.

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25 जनवरी को मलेशियाई एस्कॉर्ट टीम भारत पहुंची

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रॉयल मलेशिया पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम 25 जनवरी 2026 को मुंबई पहुंची. CBI और अन्य भारतीय एजेंसियों के सहयोग से तीनों आरोपियों को 27 जनवरी 2026 को तय प्रक्रिया के तहत और सुरक्षित तरीके से मलेशिया डिपोर्ट कर दिया गया.

भारत–मलेशिया पुलिस सहयोग की मजबूत मिसाल

CBI ने कहा कि यह ज्वाइंट ऑपरेशन भारत और मलेशिया के बीच मजबूत द्विपक्षीय पुलिस सहयोग का नतीजा है. साथ ही, यह भी दर्शाती है कि सीमापार अपराधों से निपटने में इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और अंतरराष्ट्रीय समन्वय कितने प्रभावी हैं. CBI ने यह भी स्पष्ट किया कि रेड नोटिस फरार अपराधियों का पता लगाने और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के जरिए संबंधित देश तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साधन बना हुआ है.

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