सुबह से लेकर मैच खत्म होने तक, कुछ ऐसे रहती हैं IPL की सबसे ग्लैमरस चीयर लीडर, देखें 10 Photos

IPL 2026 cheerleader Life Style: चीयरलीडर्स के "ग्लैमरस" होने की धारणा के बावजूद, चयन प्रक्रिया बेहद कठिन होती है. ज़्यादातर कलाकार इंटरनेशनल  पृष्ठभूमि से आते हैं.खास तौर पर रूस, यूक्रेन, ब्राज़ील और USA से. हालांकि हाल के सालों  में भारतीय डांस ट्रूप्स में 30% की बढ़ोतरी देखी गई है

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IPL 2026 cheerleader Photos:

Punjab Kings  cheerleader: आईपीएल का आगाज हो चुका है. आईपीएल में जहां खिलाड़ी अपने खेल से फैन्स को झूमने पर मजबूर कर देते हैं तो वहीं मैदान पर आईपीएल चीयरलीडर्स का भी जलवा देखने को मिलता है, आईपीएल चीयरलीडर्स के लिए बल्लेबाज की ओऱ से लगाए गए चौके और छक्के पर डांस करना होता है. जो कि एक देखने में आसान लगता है लेकिन असल में आईपीएल में चीयरलीडर्स के तौर पर काम करना आसान नहीं होता जिसकी झलक खुद पंजाब किंग्स की चीयरलीडर ने सोशल मीडिया पर  शेयर की है. सोशल मीडिया पर पंजाब किंग्स की चीयरलीडर हन्ना सारा हेपबर्न ने एक वीडियो शेयर किया और चीयर लीडर के तौर पर उनका दिनचर्या किस तरह का रहता है उसकी झलक दिखाई है.

चीयर लीडर के तौर पर काम करना आसान नहीं

वीडियो में देखा जा सकता  है कि चीयर लीडर को सुबह 7 बजे उठना होता है और फिर 8 बजे से एयरपोर्ट पर पहुंचना होता है. 11 बजे तक फ्लाइट पकड़नी होती है. फिर 3 बजे से पहले तक दूसरे शहर पहुंच जाना होता है, जहां आईपीएल मैच होना है. 4 बजे तक स्टेडियम में आकर डांस का रिहर्सल करना होता है .7 बजे से पहले तक खुद को चीयर लीडर के तरौ पर तैयार करके स्टेज पर पहुंच जाना होता है. इसके बाद पूरे मैच में डांस करने के बाद 12 बजे तक उन्हें होटल पहुंचाया जाता है. ऐसे में चीयर लीडर की दिनचर्चा को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि चीयर लीडर  के तौर पर काम करना थका देने वाला काम है. 

चीयरलीडर्स की कितनी होती है आईपीएल वेतन
रिपोर्ट्स के अनुसार आईपीएल में चीयरलीडर्स  की कोई फिक्स्ड सैलरी नहीं होती है. रिपोर्ट्स के अनुसार वेतनमान अलग-अलग फ्रेंचाइजी की ओर से निर्धारित की जाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, केकेआर अपनी चीयरलीडर्स को प्रति मैच लगभग ₹24,000 से ₹25,000 का भुगतान करती है. पंजाब किंग्स भी ₹25,000 का भुगतान प्रति मैच करती है. 

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कैसे होता है चयन
चीयरलीडर्स के "ग्लैमरस" होने की धारणा के बावजूद, चयन प्रक्रिया बेहद कठिन होती है. ज़्यादातर कलाकार इंटरनेशनल  पृष्ठभूमि से आते हैं.खास तौर पर रूस, यूक्रेन, ब्राज़ील और USA से. हालांकि हाल के सालों  में भारतीय डांस ट्रूप्स में 30% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो भांगड़ा और लावणी जैसे क्षेत्रीय नृत्य रूपों को शामिल करते हैं. 

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