मुस्ताफिज़ुर रहमान टीम में, बांग्लादेश ने बनाया T-20 WC में हिंदू कप्तान, क्रिकेट का दर्जा हर देश में धर्म-जाति से ऊपर

Litton Das Bangladesh Cricket Team Captain: हमेशा से हर समाज की कमज़ोरी और बीमारी क्रिकेट और दूसरे खेलों में भी ज़रूर पहुंचती रही, पर टिक नहीं पाई. आख़िरकार खिलाड़ियों को अपने दम पर साबित करने की ज़रूरत का ही ज़ोर रहा.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Litton Das: बांग्लादेश ने बनाया T-20 WC में हिंदू कप्तान

मुस्ताफ़िज़ुर रहमान को लेकर अब भारत और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड आमने-सामने होते दिख रहे है. तमाम विवादों के बीच फ़रवरी में शुरू हो रहे टी-20 वर्ल्ड कप के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम के दूसरे सबसे सीनीयर खिलाड़ी 31 साल के विकेटकीपर बल्लेबाज़ लिट्टन कुमार दास को कप्तान बनाया तो मौजूदा हालात की वजह से ये चर्चा भी होने लगी कि कहीं ये बांग्लादेश की रणनीति तो नहीं है.  हिंदुओं पर अत्याचार और मुस्ताफ़िज़ुर रहमान की IPL और कोलकाता नाइट राइडर्स से वापसी के बाद बांग्लादेश की टीम में 'एक हिंदू' खिलाड़ी के कप्तान बनने पर भी सवाल उठने लगे. 

क्रिकेट में चलता है ख़ालिस टैलेंट का सिक्का 

हमेशा से हर समाज की कमज़ोरी और बीमारी क्रिकेट और दूसरे खेलों में भी ज़रूर पहुंचती रही, पर टिक नहीं पाई. आख़िरकार खिलाड़ियों को अपने दम पर साबित करने की ज़रूरत का ही ज़ोर रहा. टैलेंट के दम ने समाज के हर बंधन और कमज़ोरी को पीछे रहने पर मजबूर कर दिया. 
  
क्रिकेट या किसी भी खेल की यही ख़ूबसूरती है, यहां जाति-धर्म, ऊंच-नीच का टंटा नहीं चलता. क्रिकेट ना सिर्फ़ भारत में बल्कि जहां भी क्रिकेट खेला जाता है, इसका दर्जा हर जाति-धर्म से ऊपर ही रहा है. राजनीति ज़रूर इसमें अपने रंग फेंटकर इसकी छवि को धूमिल करने की कोशिशें करती रही है. लेकिन ख़ालिस टैलेंट के बदौलत क्रिकेट और दूसरे खेल हमेशा आगे निकलने में कामयाब रहे.   

बांग्लादेश: *लिट्टन दास नहीं हैं बांग्लादेश के इकलौते हिंदू क्रिकेटर्स 

लिट्टन दास को 2021 में बांग्लादेश की कप्तानी मिली. शाकिब अल हसन की इंजरी के बाद वो बांग्लादेश टेस्ट टीम के 12वें कप्तान बने. 2024 की वनडे वर्ल्ड कप में भी वो अपनी टीम की अगुआई कर चुके हैं. 6 महीने पहले उन्हें बांग्लादेश के टी-20 टीम की कप्तानी सौंपी गई. 52 टेस्ट, 95 वनडे और 120 टी-20 खेल चुके लिट्टन दास के नाम 10 अंतर्राष्ट्रीय शतक हैं.    

कप्तान लिट्टन दास बांग्लादेश के अकेले हिंदू खिलाड़ी नहीं रहे हैं. बैटिंग ऑलराउंडर सौम्य सरकार, लेग स्पिनर ऑलराउंडर आलोक कापालि, तेज़ गेंदबाज़ तापश बैस्य, धीमान घोष और रॉनी तालुकदार जैसे धुरंधर हिंदू खिलाड़ी बांग्लादेश की टीम का नाम रोशन करते रहे हैं. 

पाकिस्तान: *पाकिस्तान में भी हिंदू और ईसाई क्रिकेटर्स 

पाकिस्तान के युसूफ़ योहाना एक ऐसे ईसाई कप्तान रहे जिन्होंने बाद में इस्लाम धर्म को अपना लिया और मो. यूसुफ़ बन गए. मो. यूसुफ के अलावा पाकिस्तान में एंटाओ डिसूज़ा, वालिस मथायस, सोहेल फज़ल और डंकन शार्प जैसे ईसाई खिलाड़ी शामिल रहे. 

पाकिस्तान की टीम में दो हिंदू खिलाड़ियों ने भी खूब शोहरत कमाई. लेग स्पिनर दानेश कानेरिया के नाम तो 61 टेस्ट में 261 विकेट हासिल हैं. अनिल दलपत पाकिस्तान के पहले हिंदू क्रिकेटर (विकेटकीपर-बैटर) थे जिन्होंने 9 टेस्ट और 15 वनडे में हिस्सा लिया.  

Advertisement

भारत: हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई कप्तान

भारतीय टीम में तो हर धर्म-जाति केखिलाड़ी को उनके टैलेंट के दम पर चुनने की परंपरा रही है. क्रिकेट टीम के हिंदू कप्तानों के अलावा 7 मुस्लिम, 2 सिख और 2 ईसाई कप्तान टीम इंडिया का नाम रोशन करते रहे.. भारतीय मुस्लिम कप्तानों में इफ़्तिख़ार अली ख़ान पटौदी से लेकर टाइगर पटौदी, मो. अज़हरुद्दीन (3 वर्ल्ड कप), गुलाम अहमद, अब्दुल हफ़ीज़ करदार, , सैयद किरमानी, सबा करीम और मो. कैफ़ से दिग्गजों को टीम की कप्तानी का मौक़ा मिला. 

बिशन सिंह बेदी (1975 से 1978 तक) और हरभजन सिंह (1 वनडे में कप्तानी) जैसे सिख धर्म के धुरंधर भारतीय टीम की कप्तानी करते रहे. बिशन सिंह बेदी के दौरान टीम इंडिया ने कई बड़ी कामयाबियां हासिल कीं.  

Advertisement

भारत में विजय हज़ारे भारत के पहले ईसाई कप्तान रहे जिनके नाम पर लिस्ट-A टूर्नामेंट का सबसे बड़ा घरेलू टूर्नामेंट खेला जाता है. चदू बोर्डे दूसरे ईसाई कप्तान थे जिन्होंने बाद में बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता का रोल भी अदा किया. 

ऑस्ट्रेलिया

माइकल क्लार्क ऑस्ट्रेलियाई टीम के मशहूर कप्तान रहे जो खुद को नास्तिक यानी किसी धर्म को नहीं मानने वाले कप्तान माने जाते हैं. ऑस्ट्रेलियाई टीम में मुस्लिम धर्म को माननेवाले उस्मान ख़्वाजा ने भी खूब नाम कमाया हालांकि वो अंतर्राष्ट्रीय ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी नहीं कर सके. 

Advertisement

दक्षिण अफ़्रीका

कभी नस्लवाद या रेसिज्म की वजह से क्रिकेट की दुनिया में अलग-थलग पड़े रहे दक्षिण अफ़्रीकी टीम में भी अलग-अलग धर्म के कप्तान टीम में लीडर का रोल अदा करते रहे. हाशिम आमला (मुस्लिम), केशव महाराज (हिंदू), सलमान मोएरात (मुस्लिम, इमर्जिं प्लेयर्स के कप्तान) और डेविड टीगर (यहूदी, Jew- अंडर-19 कप्तान) 

इंग्लैंड

नासिर हुसैन और मोइन अली इंग्लैंड के मशहूर कप्तान रहे जो इस्लाम धर्म के अनुयायी हैं. 

क्रिकेट और दूसरे सभी खेल वक्त और समाज से आगे रहते हैं और सबको जोड़ने में अपना रोल अदा करते हैं. राजनीति चाहे कितने भी पैंतरे दिखाए, खेल के मैदान आख़िर में बाज़ी मार कर मिसाल पेश कर ही देते हैं.

Advertisement

Featured Video Of The Day
JNU में आधी रात बवाल, PM Modi और Amit Shah शाह के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी | Delhi | Breaking