नक्‍सलियों के जंगल छोड़ते ही बढ़े शिकारी, पाइप गन और करंट से बाघ समेत अन्‍य वन्यजीवों का कर रहे शिकार

छत्तीसगढ़ के जंगलों से नक्सलियों का खौफ खत्‍म होते ही शिकारियों की तादात बढ़ गई है. ये श‍िकारी होममेड बंदूक और करंट वाले तार जंगल में लगाकर वन्‍यजीवों का शिकार रह रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
बस्तर के जंगल से बरामद किए गए शिकार में इस्तेमाल होने वाले तार और हथियार.

छत्तीसगढ़ के जंगलों से नक्‍सलियों के निकलते ही श‍िकारी सक्रिय हो गए हैं, उन्‍होंने जंगली जानवरों के शिकार करने का तरीका भी बदल दिया है. अब पारंपरिक तीर-धनुष और भाले से ही नहीं, पानी के पाइप से बनी होममेड बंदूक, कटीले तार और सबसे खतरनाक करंट वाले तारों से जानवरों का शिकार किया जा रहा है. हाल ही में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सुकमा में वन विभाग ने छापेमारी के दौरान पानी के पाइप से बना एक होममेड हथियार बरामद किया है. ये हथियार विशेष रूप से शिकार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे. इसके अलावा जंगल से तीर-धनुष, भाला, कटीले और करंट वाले तार भी जब्‍त किए गए हैं.  

बस्‍तर के जंगल से बरामद हथियार.

पाइप की बंदूक से शिकार 

वन विभाग की कार्रवाई के दौरान से सामने आया क‍ि जंगलों में अब पारंपरिक तरीके के साथ-साथ आधुनिक और घरेलू उपकरणों का भी इस्‍तेमाल जमकर किया जा रहा है. अप्रैल 2026 में सुकमा में पानी के पाइप का बंदूक की तरह इस्तेमाल करते हुए शिकारी को  पकड़ा गया. इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कटीले तार में फंसा कर बाघ का शिकार किया गया.

IPS Transfer: छत्तीसगढ़ में 24 आईपीएस अफसरों का तबादला, 12 जिलों के SP बदले, देखें पूरी लिस्‍ट 

बस्‍तर के जंगल में इस तरह की पाइप गन से किया जा रहा वन्‍यजीवों का शिकार.

खुद शिकारी भी फंस रहे अपने जाल में 

बस्तर का जंगल बड़ा होने और शिकारियों के नए-नए तरीकों की वजह से जंगली जानवरों को बचाना वन विभाग के लिए और चुनौतीपूर्ण हो गया है. शिकारियों पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग की टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है. सबसे हैरानी वाली बात यह है कि शिकार के तरीके कई बार खुद शिकारियों के लिए ही काल बन जाते हैं. जांजगीर और रायगढ़ जिले में हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं. 

540 करोड़ का कोल घोटाला: रामगोपाल की गिरफ्तारी से हिली कांग्रेस, क्या अब बड़े नेताओं तक पहुंचेगी EOW?

Advertisement

शिकारियों को रोकने जंगल में गश्त बढ़ाई 

छत्तीसगढ़ वन विभाग के एपीसीसीएफ (APCCF) माथेश्वरन वी. ने NDTV से बात करते हुए कहा क‍ि "सुकमा में एक पाइप गन पकड़ी गई है. इस होममेड गन में बच्चे कंचे (मार्बल्स) खेलते हैं, अब इसका उपयोग शिकार के लिए किया जा रहा है.  जांजगीर और रायगढ़ में करंट वाले तार की वजह से जानलेवा हादसे हुए हैं. ये तरीके न सिर्फ वन्यजीवों के लिए खतरा हैं, बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा हैं. इसे देखते हुए हमने जंगल में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को लगातार जागरूक भी कर रहे हैं."

जंगल के गुनहगारों को कब मिलेगी सजा? बस्तर में 5 बाघों का किया शिकार; 90% मामलों में गिरफ्तारी के बाद सजा नहीं

Advertisement

शिकार के लिए जंगल में लगाए थे कटीले और करंट वाले तार.

Featured Video Of The Day
रेप से बचाना है तो जल्द कर दो निकाह... मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर बवाल

Topics mentioned in this article
Chhattisgarh Wildlife
Chhattisgarh Forest
Chhattisgarh News
Cg News
Bastar News