प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली:
आज के समय में सरकारी नौकरी की तुलना में निजी क्षेत्र की नौकरियों में ज्यादा सैलरी ज्यादा मिलती है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग निजी कंपनियों में नौकरी को ज्यादा तरजीह देते हैं. हालांकि आज भी सरकारी क्षेत्र में कुछ ऐसी रुतबेदार नौकरियां हैं जिसमें सैलरी पैकेज काफी अच्छा है. आज हम आपको ऐसी पांच सरकारी नौकरियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो सैलरी के लिहाज से बेस्ट मानी जाती हैं. आइए देखते हैं कौन सी हैं यह नौकरियां....
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सिविल सर्विस ऑफिसर
देश में इस नौकरी को सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है. यूपीएससी की परीक्षा पास करने वालों को ही इस नौकरी को करने का मौका मिलता है. दूसरी सरकारी नौकरियों से अलग सिविल सर्विस की नौकरी करने वालों को मोटी सैलरी मिलती है. एक आईएएस अधिकारी को 2.18 लाख रुपये प्रति महीने मिलते हैं. इनमें विभिन्न तरह के भत्ते मिलते हैं.
पीएसयू में नौकरी
सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी में पीएसयू क्षेत्र की नौकरी भी बेस्ट मानी जाती है. इस क्षेत्र में नौकरी करने वालों को घर और मेडिकल की सुविधओं के साथ-साथ मोटी सैलरी भी मिलती है. कोल इंडिया लिमिटेड जैसी पीएसयू क्षेत्र की कंपनी अपने यहां काम करने वालों को औसतन सालाना 10 से 12 लाख रुपये की सलैरी देता है. वहीं इंडियन ऑयल कॉपरेशन अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को औसतन 8 से 9 लाख रुपये सालाना की सैलरी देता है.
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वैज्ञानिक
देश में वैज्ञानिकों की सैलरी भी काफी अच्छी होती है. इस नौकरी के तहत प्रारंभिक नौकरी करने वाले एस एंड एसडी ग्रेड में औसतन 60 हजार रुपये महीने की सैलरी पाते हैं. इसके साथ ही साथ उन्हें विभिन्न तरह के भत्ते भी मिलते हैं. इन्हें अलग-अलग शहर में रहते हुए उसी तरह से किराया भत्ता भी मिलता है. स्तर और अनुभव बढ़ने के साथ-साथ सैलरी में भी समय दर समय बढ़ोतरी होती रहती है.
डॉक्टर
सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने वाले डॉक्टरों की सैलरी भी दूसरे सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों से ज्यादा होती है. इस पेशे में इंटर्नशिप करने वाले नए डॉक्टरों को भी हर महीने 15 से 20 हजार रुपये मिलते हैं. जबकि एक सीनियर डॉक्टर को हर महीने 50 हजार से 90 हजार रुपये तक मिलते हैं. इस नौकरी में भी अनुभव और पद बढ़ने के साथ सैलरी में इजाफा होता है.
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यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर
सरकारी कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की सैलरी भी निजी क्षेत्र के कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की तुलना कहीं ज्यादा होती है. एक सरकारी कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की औसतन सैलरी 80 से 90 हजार रुपये के बीच होती है.
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कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर को भी रहने कहा भत्ता समेत कई अन्य भत्ते भी मिलते हैं.
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सिविल सर्विस ऑफिसर
देश में इस नौकरी को सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है. यूपीएससी की परीक्षा पास करने वालों को ही इस नौकरी को करने का मौका मिलता है. दूसरी सरकारी नौकरियों से अलग सिविल सर्विस की नौकरी करने वालों को मोटी सैलरी मिलती है. एक आईएएस अधिकारी को 2.18 लाख रुपये प्रति महीने मिलते हैं. इनमें विभिन्न तरह के भत्ते मिलते हैं.
पीएसयू में नौकरी
सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी में पीएसयू क्षेत्र की नौकरी भी बेस्ट मानी जाती है. इस क्षेत्र में नौकरी करने वालों को घर और मेडिकल की सुविधओं के साथ-साथ मोटी सैलरी भी मिलती है. कोल इंडिया लिमिटेड जैसी पीएसयू क्षेत्र की कंपनी अपने यहां काम करने वालों को औसतन सालाना 10 से 12 लाख रुपये की सलैरी देता है. वहीं इंडियन ऑयल कॉपरेशन अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को औसतन 8 से 9 लाख रुपये सालाना की सैलरी देता है.
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वैज्ञानिक
देश में वैज्ञानिकों की सैलरी भी काफी अच्छी होती है. इस नौकरी के तहत प्रारंभिक नौकरी करने वाले एस एंड एसडी ग्रेड में औसतन 60 हजार रुपये महीने की सैलरी पाते हैं. इसके साथ ही साथ उन्हें विभिन्न तरह के भत्ते भी मिलते हैं. इन्हें अलग-अलग शहर में रहते हुए उसी तरह से किराया भत्ता भी मिलता है. स्तर और अनुभव बढ़ने के साथ-साथ सैलरी में भी समय दर समय बढ़ोतरी होती रहती है.
डॉक्टर
सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने वाले डॉक्टरों की सैलरी भी दूसरे सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों से ज्यादा होती है. इस पेशे में इंटर्नशिप करने वाले नए डॉक्टरों को भी हर महीने 15 से 20 हजार रुपये मिलते हैं. जबकि एक सीनियर डॉक्टर को हर महीने 50 हजार से 90 हजार रुपये तक मिलते हैं. इस नौकरी में भी अनुभव और पद बढ़ने के साथ सैलरी में इजाफा होता है.
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यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर
सरकारी कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की सैलरी भी निजी क्षेत्र के कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की तुलना कहीं ज्यादा होती है. एक सरकारी कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की औसतन सैलरी 80 से 90 हजार रुपये के बीच होती है.
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कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर को भी रहने कहा भत्ता समेत कई अन्य भत्ते भी मिलते हैं.
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