विज्ञापन
This Article is From May 22, 2018

Raja Ram Mohan Roy: गूगल ने किया समाज सुधारक राजा राम मोहन राय को कुछ इस अंदाज में याद

Google Doodle बने राजा राम मोहन राय ने शुरू से ही कट्टरता, शक्ति सती प्रथा और धर्म के खिलाफ अभियान चलाया था.

Raja Ram Mohan Roy: गूगल ने किया समाज सुधारक राजा राम मोहन राय को कुछ इस अंदाज में याद
राजा राममोहन राय के गूगल डूडल की फोटो
Education Result
नई दिल्ली: Raja Ram Mohan Roy Google Doodle आज के दुनिया के मिसाल हैं. उनके बारे में हर कोई यह जानना चाह रहा है कि आखिर Raja Ram Mohan Roy ने अपने समय में समाज की कूरीतियों के खिलाफ किस तरह से काम किया. Google ने समाज सुधारक राजा राम मोहन राय के 246वीं जयंती के मौके पर अपने Google Doodle के माध्यम से उन्हें याद किया है. आइये जानते हैं आखिर किस वजह से इतने खास हैं Raja Ram Mohan Roy.

यह भी पढ़ें: Abraham Ortelius ने दुनिया को दिया था मॉडर्न मानचित्र का तोहफा

Raja Ram Mohan Roy ने शुरू से ही कट्टरता, शक्ति सती प्रथा और धर्म के खिलाफ अभियान चलाया था. वह पहले ऐसे इंसान थे जिन्होंने महिला अधिकारों की आवाजा उठाई. गौरतलब है कि दुनिया के बड़े समाज सुधारकों में से एक राजा राममोहन राय का जन्म पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के एक गांव में हुआ था. उन्होंने अपने जीवन के शरुआती समय में फारसी और अरबी के साथ संस्कृत की पढ़ाई की. इस दौरान ही वह भगवान की उपस्थिति को लेकर खासा प्रभावित हुए. इसके बाद ही उन्होंने वैदिक ग्रंथो का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद भी किया.

यह भी पढ़ें: Mother's Day पर मां को डेडिकेट करें ये 6 गाने, क्योंकि 'तुझे सब है पता मेरी मां...'

पिता की मौत के बाद राम मोहन राय 1803 में मुर्शिदाबाद चले गए जहां उनकी पहली किताब छपी. वह 1814 में समाज सुधारक के रूप में खासे विख्यात हुए. उन्होंने 1815 में आत्मीय सभा की स्थापना की. इसके कुछ वर्ष बाद ही राजा राम मोहन राय ने ब्रह्म समाज की स्थापना की. ब्रह्म समाज को भारतीय सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन भी माना जाता था. उन्होंने अपने जीवन काल में सती प्रथा का पूर-जोर तरीके से विरोध किया. बाद में उनके प्रयासों की वजह से ही इस प्रथा में उन्मूलन भी किया गया. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे: