- नोबेल पुरस्कारों की स्थापना 1895 में हुई.
- नोबेल फाउंडेशन की स्थापना 1900 में हुई थी.
- पहला नोबेल पुरस्कार 1901 में दिया गया.
नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) हर साल अद्वितीय कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को दिया जाता है. यह पुरस्कार (Nobel Prize) शांति, साहित्य, भौतिकी, केमिस्ट्री, मेडिसिन और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाता है. नोबेल पुरस्कारों की स्थापना रसायनशात्री अल्फ्रेड नोबेल (Alfred Nobel) के वसीयतनामे के अनुसार 1895 में हुई. अल्फ्रेड ने अपनी वसीयत में लिखा कि उनका सारा पैसा नोबेल फाउंडेशन (Nobel Foundation) के नाम कर दिया जाए और इन पैसों से नोबेल पुरस्कार दिया जाए. नोबेल पुरस्कारों का प्रशासकीय कार्य नोबेल फाउंडेशन देखता है. नोबेल फाउंडेशन की स्थापना 1900 में हुई थी. हर नोबेल पुरस्कार एक अलग समिति द्वारा प्रदान किया जाता है. रॉयल स्वीडिश अकैडमी ऑफ साइंसेज भौतिकी, केमिस्ट्री और अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार विजेताओं का चयन करती है. वहीं, कैरोलिन इंस्टीट्यूट, स्टॉकहोम, स्वीडन में नोबेल असेंबली मेडिसिन के क्षेत्र में विजेताओं के नाम की घोषणा करती है. साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार स्वीडिश अकादमी, स्टॉकहोम, स्वीडन द्वारा दिया जाता है और शांति का नोबेल पुरस्कार नॉर्वे की संसद द्वारा चुनी गई समिति देती है.
पहली बार 1901 में दिया गया था नोबेल पुरस्कार
पहला नोबेल पुरस्कार 1901 में भौतिकी, केमिस्ट्री, मेडिसिन, साहित्य और शांति के क्षेत्र में दिए दिया गया था. पहला नोबेल पुरस्कार भौतिकी के क्षेत्र में विलहम कॉनरैड रॉटजन, केमिस्ट्री के क्षेत्र में जैकोबस हेनरीकस वांट हॉफ, मेडिसिन के क्षेत्र में इमिल वॉन बेहरिंग, साहित्य के क्षेत्र में सुली प्रुधोम और शांति के क्षेत्र में हेनरी डूनांट को दिया गया था.
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
कौन थे अल्फ्रेड नोबेल जिनके नाम पर मिलता है नोबेल पुरस्कार?
अल्फ्रेड नोबेल का जन्म स्वीडन में 21 अक्टूबर 1833 को हुआ था. अल्फ्रेड रसायनशात्री और इंजीनियर थे. उन्होंने डाइनामाइट नामक विस्फोटक का आविष्कार किया था. 10 दिसंबर 1896 को इटली के सौन रेमो में अल्फ्रेड नोबेल का देहांत हो गया. जीवन के अंतिम दिनों में उन्हें युद्ध में भारी तबाही मचाने वाले अपने अविष्कारों को लेकर भारी पश्चाताप था. उन्होंने मानव हित की आकांक्षा से प्रेरित होकर अपने धन का उपयोग Nobel Foundation स्थापित करने में किया, जो हर साल भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्रों में सर्वोत्तम कार्य करने वालों को पुरस्कार देता है.
अब तक 52 बार महिलाओं को मिल चुका है नोबेल पुरस्कार
1901 से लेकर 2018 तक 52 बार महिलाओं को नोबेल पुरस्कार मिल चुका है. केवल एक महिला मैरी क्यूरी को दो बार इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया, उन्हें 1903 में भौतिकी और 1911 में केमिस्ट्री के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला था. इस हिसाब से अब तक 51 महिलाओं को नोबेल पुरस्कार मिला है.
सबसे कम उम्र में मलाला यूसुफजई को मिला था नोबेल पुरस्कार
मलाला यूसुफजई ने सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार हासिल किया. उन्हें 17 साल की उम्र में 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था. पाकिस्तान की रहने वाली मलाला सामाजिक कार्यकर्ता है. मलाला को पाकिस्तान में महिलाओं के लिए शिक्षा को अनिवार्य बनाए जाने की मांग के बाद तालिबान की गोली का शिकार होना पड़ा था.
इन भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को मिल चुका है नोबेल पुरस्कार
भारतीय नागरिकता के साथ
-रवीन्द्रनाथ टैगौर
-चन्द्रशेखर वेंकटरमन
-मदर टेरेसा
-अमर्त्य सेन
-कैलाश सत्यार्थी
भारतीय मूल के
-हरगोविन्द खुराना
-सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर
-वेंकटरमन रामकृष्णन
-वीएस नायपॉल
अन्य खबरें
अमेरिका और ब्रिटेन के इन 3 वैज्ञानिकों को मिला मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार
आखिर महात्मा गांधी को क्यों कभी नहीं मिला शांति का नोबेल पुरस्कार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं