
प्रतीकात्मक तस्वीर
भोपाल:
मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्न-पत्र में जातिगत आरक्षण पर निबंध लिखने के सवाल को सरकार ने शून्य घोषित करते हुए इसका मूल्यांकन नहीं किए जाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिन्दी प्रश्न-पत्र में जातिगत आरक्षण संबंधी निबंध के प्रश्न को शामिल करने की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आरक्षण संबंधी उक्त प्रश्न को शून्य घोषित किया जाता है और उसका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने परीक्षा प्रश्न-पत्र में इस तरह की गलती पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हम जातिगत आरक्षण के पक्षधर हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रश्न-पत्र में 'जातिगत आरक्षण देश के लिए घातक' विषय पर निबंध का प्रश्न शामिल करना गलत है। यह दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है और सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है।
इसकी जांच अपर मुख्य सचिव वन दीपक खांडेकर से कराई जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिन्दी प्रश्न-पत्र में जातिगत आरक्षण संबंधी निबंध के प्रश्न को शामिल करने की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आरक्षण संबंधी उक्त प्रश्न को शून्य घोषित किया जाता है और उसका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने परीक्षा प्रश्न-पत्र में इस तरह की गलती पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हम जातिगत आरक्षण के पक्षधर हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रश्न-पत्र में 'जातिगत आरक्षण देश के लिए घातक' विषय पर निबंध का प्रश्न शामिल करना गलत है। यह दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है और सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है।
इसकी जांच अपर मुख्य सचिव वन दीपक खांडेकर से कराई जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार को बख्शा नहीं जाएगा।
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Madhya Pradesh Board Examination, Question On Caste-based Reservation Dangerous For Country, Evaluated, मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल, हिंदी प्रश्न-पत्र, जातिगत आरक्षण पर निबंध