
त्रिपुरा के दूरदराज के कई स्कूलों में नावों और स्वदेशी फेरी के माध्यम से प्रश्न पत्र वितरित किए गए. बीजेपी की सरकार ने पहली बार त्रिपुरा में एक समान प्रणाली को अपनाते हुए 4,500 स्कूलों में पहली बार एक साथ परीक्षाएं शुरू की हैं. इससे पहले पिछले सत्र तक त्रिपुरा में स्कूलों के अनुसार अलग-अलग प्रश्न-पत्र बनाए जाते थे. राज्य में सड़क मार्ग की स्थिति बेहद खराब है. इसलिए नावों और फेरियों के माध्यम से स्कूलों में प्रश्न-प्रत्र बांटने का काम किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा के समय प्रश्न-पत्र समय पर प्राप्त हो सके.
शिक्षा मंत्री रत्न लाल नाथ ने आईएएनएस को सोमवार को बताया, "चल रही छमाही परीक्षा में 3,93,624 छात्रों में से लगभग 96 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होते हैं. पहली बार इसे केंद्रीकृत समान प्रश्न-पत्रों के साथ शिक्षा विभागों द्वारा आयोजित किया जाएगा." नाथ ने कहा, "कक्षा तीन से नौ तक के कुल 3,93,624 विद्यार्थियों में से करीब 3,75,845 विद्यार्थी इस समान प्रणाली के अंतर्गत परीक्षा दे रहे हैं. यदि विद्यार्थी असफल होते हैं, तो उन्हें पुन: परीक्षा देनी पड़ेगी."
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा कि भाजपा सरकार ने हाली ही में 41 हजार स्कूली शिक्षकों को ट्रेनिंग दी है ताकि वे अप्रैल से मार्च तक चालू शैक्षिक सत्र से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) के पाठ्यक्रम के अनुरुप बदल सकें.
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