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This Article is From Apr 25, 2019

सब्जेक्ट चुनाव की केमिस्ट्री, जानें- UPSC में 14वीं रैंक पाने वालीं अंकिता चौधरी से

आईआईटी दिल्ली से केमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वालीं अंकिता चौधरी ने UPSC में विषय चुना पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन

सब्जेक्ट चुनाव की केमिस्ट्री, जानें-  UPSC में 14वीं रैंक पाने वालीं अंकिता चौधरी से
अंकिता चौधरी.
Education Result
नई दिल्ली:

सुंदर, शांत और मितभाषी लेकिन इरादे की उतनी ही पक्की है इस बार की सिविल सेवा परीक्षा में 14वीं रैंक लाने वाली अंकिता चौधरी. अंकिता को ये सफलता अपने दूसरे प्रयास में मिली. हरियाणा की अंकिता रोहतक के पास की रहने वाली हैं और इनके पिता शुगर मिल में अधिकारी हैं.  सिविल सर्विसेज में आने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से ही मिली और वे पूरी लगन और मेहनत के साथ इसमें जुट गईं.

एनडीटीवी से बातचीत के दौरान उनके व्यक्तित्व के बारे में कई दिलचस्प बातें पता चलीं, खासकर पढ़ाई और उसकी रणनीति को लेकर. अंकिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया. उसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की लेकिन जब सिविल की परीक्षा में वैकल्पिक विषय चुनने की बात आई तो उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन यानी लोक प्रशासन विषय का चुनाव किया.

विषयों के चुनाव को लेकर अंकिता बताती हैं कि ये एक बेहद अहम फैसला होता है और किसी भी छात्र को उसी विषय का चुनाव करना चाहिए जिसमें उसकी दिलचस्पी हो. इसके साथ ही सब्जेक्ट का चुनाव करते वक्त हर किसी को उस विषय का पूरा सिलेबस विस्तार से देखना और समझना चाहिए. अपने खुद के फैसले के पीछे अंकिता दो बड़ी वजहें बताती हैं, पहली तो ये कि उनके मुताबिक पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का सिलेबस दूसरे विषयों के मुकाबले थोड़ा छोटा है जिसकी तैयारी बीच के तीन महीने में की जा सकती है और एक और बड़ी वजह ये रही कि इस विषय के कई टॉपिक छात्रों के लिए जीएस के लिहाज से भी काम के हैं. अपनी सटीक रणनीति और कड़ी मेहनत के दम पर अंकिता ने अपने ऑप्शनल पेपर में 314 नंबर हासिल किए हैं.

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सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार चाहें तो अंकिता के टिप्स से फायदा उठा सकते हैं, जिनका कहना है कि सवाल को कम से कम दो बार जरूर पढ़ें और जवाब लिखते वक्त सवाल के हर पहलू का संतुलित जवाब दें. उत्तर पुस्तिका की स्वच्छता पर ध्यान दें, मार्जिन या फिर जहां-तहां न लिखें. मुख्य परीक्षा की तैयारी एक थका देना वाला काम है, ऐसे में अपने जोश को ठंडा नहीं होने दें. जब कभी जरूरत महसूस हो बीच बीच में ब्रेक लें, म्यूजिक सुनें, दोस्तों से मिलें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि तैयारी के बीच का ये ब्रेक ज्यादा लंबा नहीं होना चाहिए.

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इंटरव्यू को लेकर उनका मानना है कि इसमें आपकी पर्सनालिटी चेक की जाती है, ज्ञान का टेस्ट नहीं होता इसलिए खुद को नर्वस मत होने दें. आप खुद को एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर पेश करें. कई छात्रों के दिमाग में बोर्ड मेंबरों को लेकर कई तरह की बातें होती हैं, उन पर ध्यान नहीं दें और हर तरह के दबाव से अपने आप को मुक्त रखें. हरियाणा की इस बेटी ने पूरे देश में अपने परिवार और इलाके का नाम रोशन किया है.

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