
नई दिल्ली:
बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं ऐसे में छात्रों में हलचल मचनी शुरू हो गई होगी. सभी छात्र एग्जाम में अच्छे अंक पाने के लिए जीतोड़ कोशिश भी कर रहे होंगे. आपने अपने पसंदीदा सब्जेक्ट की तैयारी भी लगभग खत्म कर ली होगी. ऐसे में मैथ्स एक ऐसा सब्जेक्ट है जो बहुत ही कम छात्रों को पसंद होता है. अब एग्जाम है तो तैयारी तो करनी ही होगी. गणित से पीजीटी सुरभि भार्गव ने मैथ्स की तैयारी के लिए कुछ प्वाइंट सुझाएं हैं.
योजना और कार्यान्वयन
बोर्ड एग्जाम में हर अध्याय का अलग महत्व होता है. तो तैयारी शुरू करने से पहले उन अध्यायों पर अधिक ध्यान दें, जिनमें से अधिक सवाल पूछे जाने हैं और इसके बाद घटते क्रम में आगे बढें. ऐसा करने से समय कम होने के बावजूद आप ठीक-ठाक अंक प्राप्त कर लेंगे.
पिछले साल के पेपर्स आएंगे काम
आप जिस भी विषय की तैयारी कर रहे हैं, उस सब्जेक्ट के पिछले साल के पेपर्स से भी मदद लें. इससे आपको ये आइडिया लग जाएगा कि एग्जाम में किस तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं. कॉन्सेप्ट को समझने के लिए ज्यादा से ज्यादा सवालों को हल करें.
रिवीजन
रिवीजन, एग्जाम से पहले का एक महत्वपूर्ण पहलू है. समय बचाने के लिए एग्जाम से पहले अपना प्रैक्टिस के दौरान एर्म्पोटेंट प्वाइंट का शॉर्ट चार्ट बनाते रहें. अपनी कमजोरी को पहचानते हुए जिस विषय में आपको सबसे ज्यादा परेशानी हो रही हो उसे पहले पूरा कर लें.
ख़ाली समय
हर समय पढ़ते रहना सफलता की कुंजी नहीं हो सकती. इससे आपकी याद करने और समझने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है. पढा़ई के बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें, जैसे फैमिली से बातें करना, कॉफी ब्रेक, टीवी देखना. इससे आपका माइंड एकदम फ्रेश हो जाएगा.
माता-पिता को सलाह देते हुए सुरभि कहती हैं कि हर बच्चा अपने आप में खास होता है. मार्क्स के आधार पर अपने बच्चे को दूसरों के बच्चों से कम्पेयर न करें. मार्क्स आपके बच्चे की वास्तविक क्षमता को नहीं दिखा सकते. यह याद रखें कि बोर्ड एग्जाम चुनौतियों की शुरूआत भर है. इसलिए बच्चे को इससे सफलता पूर्वक सुझने दें.
(सुरभि भार्गव, पीजीटी गणित से इनपुट)
योजना और कार्यान्वयन
बोर्ड एग्जाम में हर अध्याय का अलग महत्व होता है. तो तैयारी शुरू करने से पहले उन अध्यायों पर अधिक ध्यान दें, जिनमें से अधिक सवाल पूछे जाने हैं और इसके बाद घटते क्रम में आगे बढें. ऐसा करने से समय कम होने के बावजूद आप ठीक-ठाक अंक प्राप्त कर लेंगे.
पिछले साल के पेपर्स आएंगे काम
आप जिस भी विषय की तैयारी कर रहे हैं, उस सब्जेक्ट के पिछले साल के पेपर्स से भी मदद लें. इससे आपको ये आइडिया लग जाएगा कि एग्जाम में किस तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं. कॉन्सेप्ट को समझने के लिए ज्यादा से ज्यादा सवालों को हल करें.
रिवीजन
रिवीजन, एग्जाम से पहले का एक महत्वपूर्ण पहलू है. समय बचाने के लिए एग्जाम से पहले अपना प्रैक्टिस के दौरान एर्म्पोटेंट प्वाइंट का शॉर्ट चार्ट बनाते रहें. अपनी कमजोरी को पहचानते हुए जिस विषय में आपको सबसे ज्यादा परेशानी हो रही हो उसे पहले पूरा कर लें.
ख़ाली समय
हर समय पढ़ते रहना सफलता की कुंजी नहीं हो सकती. इससे आपकी याद करने और समझने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है. पढा़ई के बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें, जैसे फैमिली से बातें करना, कॉफी ब्रेक, टीवी देखना. इससे आपका माइंड एकदम फ्रेश हो जाएगा.
माता-पिता को सलाह देते हुए सुरभि कहती हैं कि हर बच्चा अपने आप में खास होता है. मार्क्स के आधार पर अपने बच्चे को दूसरों के बच्चों से कम्पेयर न करें. मार्क्स आपके बच्चे की वास्तविक क्षमता को नहीं दिखा सकते. यह याद रखें कि बोर्ड एग्जाम चुनौतियों की शुरूआत भर है. इसलिए बच्चे को इससे सफलता पूर्वक सुझने दें.
(सुरभि भार्गव, पीजीटी गणित से इनपुट)
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