
JEE परीक्षा में हर साल लाखों स्टूडेंट्स भाग लेते हैं. लेकिन इन स्टूडेंट्स में से सिर्फ हजारों स्टूडेंट्स को ही एडमिशन मिल पाता है. इसका कारण है जेईई का पेपर (JEE Paper) जो कि काफी कठिन होता है. ऑस्ट्रेलिया के कुछ बड़े प्रोफेसर्स का मानना है कि जेईई का पेपर बेहद कठिन है. एक यूट्यूब वीडियों में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के कुछ प्रोफेसर्स ने जेईई के पेपर पर रिएक्ट किया और वे पेपर देखते ही हैरान रहे गए. यह वीडियो Tibees नाम के यूट्यूब चैनल पर अपलोड की गई है. कई प्रोफेसर्स ने पेपर (IIT-JEE Entrance Exam Papers) के लंबे होने पर टिप्पणी की. तो कुछ का कहना ये है कि स्टूडेंट्स के साइंस के 3 स्ट्रीमों का ज्ञान एक पेपर में कैसे टेस्ट किया जा सकता है? इसके बार में एक मैथमैटिशियन बैरी ह्यूजेस (Prof. Barry Hughes) कहते हैं- ''यह वास्तव में काफी महत्वाकांक्षी है कि वे रसायन विज्ञान, भौतिकी और गणित का ज्ञान टेस्ट करने की कोशिश कर रहे हैं.''
यह भविष्य के लिए छात्रों को तैयार करेगा या नहीं, इसके लिए बैरी के पास एक और दिलचस्प जवाब था: मेरी नज़र गणित के कुछ प्रश्नपत्रों पर थी और मैं कहूंगा कि मेरे पास एक घंटे में एक अच्छा परिणाम प्राप्त करने की चुनौती होगी. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि एक पेशेवर गणितज्ञ के रूप में, मुझे वास्तव में एक कहानी कहने में दिलचस्पी है. किसी समस्या का उत्तर देते समय, मैं यह कहना चाहता हूं कि इसका उत्तर क्या है. बस '27' कहने में सक्षम होना मेरे लिए मददगार नहीं है.

वहीं, डॉ जैस्मिना लाज़ेंडिक-गैलोवे का कहना है कि प्रवेश परीक्षा जो ड्रिल फॉर्मेट में है, आमतौर पर छात्रों को ऐसी परीक्षा में बैठने के लिए अभ्यास करने की आवश्यकता होती है. जब आपके पास बड़ी संख्या में छात्र अभ्यास करते हैं और समय सीमित वातावरण यह निर्धारित नहीं करता है कि छात्र शिक्षा के अगले चरण में कितना अच्छा करेगा.
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