
नई दिल्ली:
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने बढ़ती अनमियतताओं के चलते ग्रेड-2 उम्मीदवारों के लिए दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की परीक्षा रद्द कर दी है। आपको बता दें कि यह परीक्षा 293 पदों के लिए थी। इस दौरान दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंदर गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की थी। उन्होंने डीएसएसएसबी में हो रहे घोटालों को जल्द खत्म करने की मांग की।
बदलाव की जरूरत
विजेंदर ने मौजूदा सिस्टम और स्टाफ पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया और कहा कि पूरे बोर्ड और उसके कार्य करने के ढंग को बदलने की जरूरत है। इससे पहले उन्होंने डीएसएसएसबी में फैली अनियमतताओं को लेकर सीबीआई जांच की मांग भी की थी।
जांच के आदेश
सूत्रों के मुताबिक परीक्षा 2010 में अधिसूचित की गई और 2014 में आयोजित की गई थी, जबकि रिजल्ट्स की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। वहीं केजरीवाल सरकार का दावा है कि पिछले साल जब से वह सत्ता में आई है तब से उसे परीक्षा में हो रही अनियमतताओं की कई शिकायतें मिली हैं। जिसके चलते उसने शिकायतों को सतर्कता विभाग को भेज दिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कांग्रेस ने ‘‘भारी अन्याय’’ करार दिया
दूसरी ओर दिल्ली कांग्रेस ने परीक्षा रद्द करने के आप सरकार के फैसले को वास्तविक सफल उम्मीवारों के साथ ‘‘भारी अन्याय’’ करार दिया और इस पूरे मामले की व्यापक जांच कराने की मांग की। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने उपराज्यपाल नजीब जंग को भेजे एक पत्र में कहा कि किसी अनियमितता की स्थिति में दोषी पाए जाने वाले को सख्त दंड दिया जाना चाहिए लेकिन वास्तविक सफल उम्मीवारों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
बड़ी संख्या में उन छात्रों ने माकन से मुलाकात की जो परीक्षा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने पत्र लिखकर उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वास्तविक सफल उम्मीवारों के साथ ‘‘अन्याय’’ नहीं हो।
बदलाव की जरूरत
विजेंदर ने मौजूदा सिस्टम और स्टाफ पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया और कहा कि पूरे बोर्ड और उसके कार्य करने के ढंग को बदलने की जरूरत है। इससे पहले उन्होंने डीएसएसएसबी में फैली अनियमतताओं को लेकर सीबीआई जांच की मांग भी की थी।
जांच के आदेश
सूत्रों के मुताबिक परीक्षा 2010 में अधिसूचित की गई और 2014 में आयोजित की गई थी, जबकि रिजल्ट्स की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। वहीं केजरीवाल सरकार का दावा है कि पिछले साल जब से वह सत्ता में आई है तब से उसे परीक्षा में हो रही अनियमतताओं की कई शिकायतें मिली हैं। जिसके चलते उसने शिकायतों को सतर्कता विभाग को भेज दिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कांग्रेस ने ‘‘भारी अन्याय’’ करार दिया
दूसरी ओर दिल्ली कांग्रेस ने परीक्षा रद्द करने के आप सरकार के फैसले को वास्तविक सफल उम्मीवारों के साथ ‘‘भारी अन्याय’’ करार दिया और इस पूरे मामले की व्यापक जांच कराने की मांग की। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने उपराज्यपाल नजीब जंग को भेजे एक पत्र में कहा कि किसी अनियमितता की स्थिति में दोषी पाए जाने वाले को सख्त दंड दिया जाना चाहिए लेकिन वास्तविक सफल उम्मीवारों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
बड़ी संख्या में उन छात्रों ने माकन से मुलाकात की जो परीक्षा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने पत्र लिखकर उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वास्तविक सफल उम्मीवारों के साथ ‘‘अन्याय’’ नहीं हो।
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