यह ख़बर 19 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

अमेरिकी उद्योग जगत ने प्रणब को भेजी इच्छा सूची

खास बातें

  • अमेरिका का उद्योग जगत चाहता है कि वित्तमंत्री बजट में बीमा क्षेत्र तथा मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के बारे में सकारात्मक संकेत दें।
वाशिंगटन:

अमेरिका का उद्योग जगत चाहता है कि भारतीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी आगामी बजट में बीमा क्षेत्र तथा मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के बारे में सकारात्मक संकेत दें। अमेरिका के कॉरपोरेट जगत ने भारत सरकार के आम बजट से अपनी अपेक्षाओं की सूची मुखर्जी को भेजी है, जो कुछ ही दिनों में अपना सालाना बजट पेश करने वाले हैं। अमेरिकी कंपनियां चाहती हैं कि भारत सरकार बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढाकर 49 प्रतिशत करे तथा मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार को खोले। इसी तरह खाद्य एवं कृषि उत्पादों के लिए एफडीआई नियमों में ढील तथा विदेशी निवेश प्रक्रिया को चुस्त-दुरूस्त बनाने की मांग भी की गई है। अमेरिका भारत व्यापार परिषद के अध्यक्ष रॉन सोमर्स ने कहा है, हमारा विश्वास है कि प्रस्तावित बदलावों को स्वीकार करने का बहुत बड़ा फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को होगा, क्योंकि ये दीर्घकालिक स्थिर निवेश तथा रोजगार सृजन में भूमिका निभाएंगे। यह परिषद पेप्सीको, बोइंग, जनरल इलेक्ट्रिक तथा लॉकहीड मार्टिन जैसी उन प्रमुख अमेरिकी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है, जो भारत में व्यापार कर रही हैं। सोमर्स का कहना है कि वैश्विक आर्थिक सुधार के बावजूद अनेक शर्तें बनी हुई हैं, जो भारत के लिए तीव्र वृद्धि बनाए रखने में चुनौती हैं। सोमर्स ने कहा है कि परिषद भारत में बाजारों को और मजबूत बनाने वाली नीतियों तथा नियमों के कार्यान्वयन का समर्थन करने को प्रतिबद्ध है। परिषद ने इस आशय का ज्ञापन 9 फरवरी को भेजा था, जिसे उसने शुक्रवार को ट्विटर पर जारी किया। इसमें कहा गया है भारत विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना हुआ है, क्योंकि विशेषकर यह निवेश को प्रोत्साहित करने वाला पारदर्शी नियामकीय माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। भारत में सालाना आम बजट 28 फरवरी को पेश किया जाना है।


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