यह ख़बर 14 मार्च, 2014 को प्रकाशित हुई थी

मुद्रास्फीति घटकर नौ माह के निचले स्तर पर पहुंची

नई दिल्ली:

प्याज और आलू जैसी सब्जियों के दाम में नरमी आने के चलते फरवरी में मुद्रास्फीति घटकर नौ माह के निचले स्तर 4.68 प्रतिशत पर आ गई, जिससे रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश बनी है।

थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी में घटकर 8.12 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 8.8 प्रतिशत पर थी।

मुद्रास्फीति में दिसंबर से ही गिरावट का रख बना है और जनवरी में यह घटकर 5.05 प्रतिशत पर आ गई। फरवरी से पहले थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का सबसे निचला स्तर मई, 2013 में था जब मुद्रास्फीति 4.58 प्रतिशत थी। जून में यह फिर बढ़कर 5.16 प्रतिशत पर पहुंच गई।

हालांकि, इस अवधि में फल, दूध एवं अन्य प्रोटीनयुक्त वस्तुओं जैसे अंडा, मछली व मीट महंगे हुए। फरवरी में फलों की मुद्रास्फीति 9.92 प्रतिशत रही जो जनवरी में 5.32 प्रतिशत थी, जबकि दूध की मुद्रास्फीति 8.45 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 7.22 प्रतिशत थी।

इस बीच, दिसंबर के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान संशोधित कर 6.4 प्रतिशत किया गया है जो पूर्व में 6.16 प्रतिशत था।

आज जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वार्षिक आधार पर प्याज की मुद्रास्फीति में फरवरी में 20.06 प्रतिशत का संकुचन आया। इसी तरह, आलू की मुद्रास्फीति 8.36 प्रतिशत रही।

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कुल मिलाकर, फरवरी में सब्जियों की मुद्रास्फीति घटकर 3.99 प्रतिशत रह गई जो जनवरी में 16.6 प्रतिशत थी। इस दौरान, दालों, मोटे अनाजों व गेहूं की कीमतों में भी गिरावट का रख दर्ज किया गया।