इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.02 फीसदी या 80.25 अंकों की गिरावट के साथ 7,779.70 पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह सिर्फ चार दिन ही कारोबारी सत्र संचालित हुए। बाजार बुधवार को महाराष्ट्र में चुनाव के मौके पर बंद रहे।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से पिछले सप्ताह 14 में तेजी रही। एक्सिस बैंक (5.99 फीसदी), कोल इंडिया (5.08 फीसदी), टाटा पावर (3.39 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.12 फीसदी) और भारतीय स्टेट बैंक (2.90 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टीसीएस (8.74 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (6.99 फीसदी), सेसा स्टरलाईट (6.81 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (4.89 फीसदी) और टाटा मोटर्स (3.37 फीसदी)।
गत सप्ताह मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 1.82 फीसदी या 171.92 अंकों की गिरावट के साथ 9,272.49 पर बंद हुआ। स्मॉलकैप 2.80 फीसदी या 297.03 अंकों की गिरावट के साथ 10,313.97 पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के मूल्य में काफी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट इस अनुमान के कारण हुई कि तेल की बढ़ती आपूर्ति सुस्त अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिति में मांग को पूरा करने के लिए काफी होगी। तेल की कीमत घटने से देश को वित्तीय घाटा, चालू खाता घाटा और महंगाई दर कम करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि देश को अपने समग्र कच्चे तेल की जरूरत के 80 फीसदी हिस्से को आयात से पूरा करना पड़ता है।
मंगलवार 14 अक्टूबर को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित देश की थोक महंगाई दर सितंबर माह में घटकर 2.38 फीसदी दर्ज की गई, जो एक महीने पहले 3.74 फीसदी थी।
सोमवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद जारी एक अन्य सरकारी आंकड़े के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित उपभोक्ता महंगाई दर सितंबर महीने में घटकर 6.46 फीसदी रही, जो अगस्त में 7.73 फीसदी थी।
मंगलवार को जारी एक बयान के मुताबिक, देश का निर्यात सितंबर में साल-दर-साल आधार पर 2.7 फीसदी बढ़कर 28.90 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 26 फीसदी बढ़कर 43.15 अरब डॉलर रहा। इस तरह सितंबर का व्यापार घाटा दोगुने से अधिक बढ़कर 14.25 अरब डॉलर रहा, जो सितंबर 2013 में 6.12 अरब डॉलर था।