नई दिल्ली: अमेरिकी खुदरा कंपनी वालमार्ट द्वारा 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट की 77 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदना देश में इस साल का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है. यह वालमार्ट का भी अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है. वोडाफोन इंडिया और आईडिया का प्रस्तावित विलय पूरा हो जाने पर सबसे बड़ा सौदा हो जाएगा. पिछले साल घोषित यह सौदा 23 अरब डॉलर का है. पिछले साल अगस्त में रोसनेफ्ट एवं उसके सहयोगियों ने 12.9 अरब डॉलर के सौदे में एस्सार ऑयल के दो करोड़ टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले परिशोधन संयंत्र और 3500 से अधिक पेट्रोल पंप खरीदा था. यह अब तक का देश में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है. यह रूस की किसी कंपनी का भी अन्य देश में सबसे बड़ा निवेश है. ब्रिटेन की बीपी पीएलसी ने 2011 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी - डी 6 समेत 23 तेल एवं गैस खंडों की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी 7.2 अरब डॉलर में खरीदी थी.
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एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत को आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने तथा सतत आर्थिक विकास के लिए विदेशी निवेश की जरूरत है. औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के अनुसार, अप्रैल - दिसंबर 2017 के दौरान देश में कुल 35.94 अरब डॉलर का एफडीआई निवेश हुआ. हालिया समय में देश में हुए कुछ मुख्य विलय एवं अधिग्रहण सौदे निम्न हैं-
1: रोसनेफ्ट, नीदरलैंड की ट्राफिगुरा ग्रुप पीटीई और रूस की निवेश कंपनी यूनाइटेड कैपिटल पार्टनर्स ने अगस्त 2017 में 12.9 अरब डॉलर में एस्सार ऑयल का अधिग्रहण किया.
2: मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और एचडीएफसी ने देश की सबसे बडी निजी बीमा कंपनी बनाने के लिए 2016 में 9.73 अरब डॉलर का विलय सौदा किया.
3: अल्ट्राटेक ने 2016 में 2.4 अरब डॉलर में जयप्रकाश एसोसिएट्स के सीमेंट कारोबार को खरीदा.
4: निरमा ने 2016 में 1.4 अरब डॉलर में लाफार्ज इंडिया का अधिग्रहण किया.
5: वेदांता ने 2011 में 8.67 अरब डॉलर में केयर्न इंडिया की 58.5 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी.
6: बीपी पीएलसी ने 2011 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी - डी 6 समेत 23 तेल एवं गैस खंडों की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी 7.2 अरब डॉलर में खरीदी.
7: जापान की दवा कंपनी दायइचि सांक्यो ने 2008 में रेनबैक्सी लैब के नियंत्रण के लिए 4.6 अरब डॉलर का सौदा किया.
8: एनटीटी दोकोमो ने 2008 में टाटा टेलीसर्विसेज की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी 2.7 अरब डॉलर में खरीदी.
9: वोडाफोन ने भारतीय बाजार में प्रवेश के लिए 2007 में 11.1 अरब डॉलर में हचिसन व्हांपोआ की 67 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी.
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