विजय माल्या की फाइल तस्वीर
नई दिल्ली: शराब कारोबारी विजय माल्या ने गुरुवार को यूनाइटेड स्पिरिट्स के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। वह अब ब्रिटेन स्थानांतरित होंगे। इस कंपनी की स्थापना उनके परिवार ने की थी, लेकिन अब इस पर वैश्विक शराब कंपनी डियाजियो का नियंत्रण है।
माल्या के यूनाइटेड स्पिरिट्स के बोर्ड से हटने से उनके और डियाजियो के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का अंत हो गया है। यूबी समूह की कंपनियों को दिए गए ऋण में अनियमितताओं के आरोपों से यह विवाद पैदा हुआ था।
माल्या ने कंपनी से हटने की घोषणा करते हुए कहा, 'अब समय आ गया है कि जब मुझे अपने डियाजियो तथा यूनाइटेड स्पिरिट्स के साथ संबंधों को लेकर सभी आरोपों और अनिश्चितताओं को दूर करना चाहिए। इसी के अनुरूप मैं अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे रहा हूं।' उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात की खुशी है कि मैं डियाजियो और यूएसएल के साथ शर्तों पर सहमति बना पाया हूं। हमने जो समझौता किया है, उससे मेरे परिवार की विरासत संरक्षित रहेगी।'
अपनी भविष्य की योजना के बारे में माल्या ने कहा कि मैंने हाल में 60 साल पूरे किए हैं। अब मैंने इंग्लैंड में अपने बच्चों के पास अधिक समय बिताने का फैसला किया है। माल्या ने डियाजियो के साथ ब्रिटेन को छोड़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा न करने का करार किया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों- पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक और एसबीआई ने माल्या, उनके समूह की होल्डिंग कंपनी यूनाइटेड ब्रूवरीज तथा लंबे समय से ठप किंगफिशर एयरलाइंस को जानबूझकर चूक करने वाला घोषित किया है।
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