यह ख़बर 21 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

नागर विमानन मंत्री को माल्या ने बताई दिक्कतें

खास बातें

  • लाइसेंस रद्द होने के खतरे का सामना कर रही विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स के प्रवर्तक विजय माल्या ने नागर विमानन मंत्री अजित सिंह से मुलाकात की और उन्हें कंपनी की समस्याओं से अवगत कराया।
नई दिल्ली:

लाइसेंस रद्द होने के खतरे का सामना कर रही विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स के प्रवर्तक विजय माल्या ने बुधवार को नागर विमानन मंत्री अजित सिंह से मुलाकात की और उन्हें कंपनी की समस्याओं से अवगत कराया।

सिंह और माल्या के बीच करीब आधे घंटे चली बैठक के बाद दोनों ने मीडिया को कुछ भी नहीं बताया। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि माल्या ने सिंह को कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति और परिचालन की स्थिति से अवगत कराया।

यद्यपि अजित सिंह कहते रहे हैं कि किसी भी विमानन कंपनी का उड़ान लाइसेंस रद्द किया जाना विमानन उद्योग के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नकदी संकट के नाम पर सुरक्षा के साथ समझौता किया जाता है तो लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम किंगफिशर एयरलाइन्स पर डीजीसीए की रपट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’ किंगफिशर एयरलाइंस कर्ज के बोझ तले दबी है और उसपर करीब 7,057 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी का कुल घाटा 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। कंपनी ने 25 मार्च से अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित करने का फैसला किया है।

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सरकार ने एक विशेष टीम का गठन किया है जो कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उपयोग में लाये जा रहे विमानों की सुरक्षा जांच करेगी। इसके साथ ही नागर विमानन मंत्री ने कल कहा कि माल्या को नागर विमानन महानिदेशालय को दिये गये उड़ान कार्यक्रम का पालन करना होगा। नागर विमानन महानिदेशालय ने कल माल्या को बुलाकर एयरलाइंस की स्पष्ट तस्वीर पेश करने को कहा था।