खास बातें
- तेज गर्मी और बारिश में देरी की वजह से आलू, टमाटर जैसी सब्जियों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि स्थिति में जल्द सुधार आएगा।
नई दिल्ली: तेज गर्मी और बारिश में देरी की वजह से आलू, टमाटर जैसी सब्जियों की कीमत आसमान छूने लगी हैं, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि स्थिति में जल्द सुधार आएगा।
थोक बाजार में टमाटर की कीमत पिछले 10 दिन में जहां बारह-पंद्रह रुपये बढ़कर 30 रुपये किलो तक हो गई, वहीं आलू डेढ़ से 4 रुपये तक महंगा होकर 22 रुपये किलो तक पहुंच गया।
खुदरा बाजार में सामान्य आलू की कीमत 20 रुपये बोली जा रही है वहीं पहाड़ी आलू की कीमत 25 से 30 रुपये तक है। टमाटर की कीमत 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है। अन्य सब्जियों की कीमत भी कुछ ऐसी ही है। बहरहाल, थोक व्यापारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में आवक बढ़ने के साथ स्थिति सुधरने की उम्मीद है और दाम भी कम होंगे।
टमाटर व्यापारी एसोसिएशन के महासचिव सुभाष चुग ने कहा, बारिश में देरी के कारण फसल खराब होने से टमाटर की कीमत में तेजी आई है। इसके अलावा हरियाणा में कुछ स्थानों पर अचानक एक दो दिन की तेज बारिश से भी फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि स्थिति ठीक हो रही है। गुरुवार को जहां 25 किलो टमाटर की पेटी की कीमत 800 रुपये थी वही आज 550 से 600 रुपये किलो रह गई है। आने वाले 15 दिन में शिमला, बेंगलुरु तथा नासिक से आवक बढ़ने से स्थिति में सुधार होगा।
आजादपुर कृषि उत्पाद विपणन समिति के चेयरमैन राजेन्द्र शर्मा ने कहा, वैसे तो इन दिनों सब्जी थोड़ी महंगी हो जाती है लेकिन पिछले एक सप्ताह आलू, टमाटर तथा भिंडी के दाम में थोड़ी ज्यादा वृद्धि हुई है। इसका कारण बारिश में देरी तथा आवक कम होना है।