खास बातें
- भारतीय रुपये के वायदा कारोबार में बढ़ोतरी से दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज को भी फायदा हो रहा है। इस एक्सचेंज का कारोबार बढ़ता जा रहा है।
दुबई: भारतीय रुपये के वायदा कारोबार में बढ़ोतरी से दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज (डीजीसीएक्स) को भी फायदा हो रहा है। इस एक्सचेंज का कारोबार बढ़ता जा रहा है। देश के बाहर यह एकमात्र एक्सचेंज है, जहां रुपये का वायदा कारोबार हो सकता है।
एक विशेषीकृत वित्तीय ब्रोकरेज फर्म ट्रस्ट सिक्योरिटीज डीएमसीसी ने कहा है कि निवेशकों में भारतीय रुपये के वायदा कारोबार में रुचि बढ़ती जा रही है। ऐसी विदेशी निवेशक जिनकी भारतीय एक्सचेंज तक पहुंच नहीं है, वे रुपये-डॉलर के वायदा अनुबंध के लिए डीजीसीएक्स का रुख कर रहे हैं।
डीजीसीएक्स का कारोबार विश्व डेरिवेटिव एक्सचेंज की तुलना में दोगुना बढ़ा है। 2011 में इस एक्सचेंज के कारोबार में 2010 की तुलना में 110 फीसद का इजाफा हुआ। एक्सचेंज के नवंबर, 2005 में कारोबार शुरू किए जाने के बाद यह कारोबार का सबसे ऊंचा स्तर है। पश्चिम एशिया का यह प्रमुख डेरिवेटिव एक्सचेंज दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर (डीएमसीसी), फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज (इंडिया) और भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) की पहल है।
इस एक्सचेंज के कारोबार में बढ़ोतरी की मुख्य वजह रुपये-डॉलर का वायदा कारोबार है, जिसमें 2010 की तुलना में 2011 में 563 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। ट्रस्ट सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख ब्रूस पावर्स ने कहा, ‘‘पिछले आठ में रुपये में उतार-चढ़ाव इतना अधिक बढ़ा है कि इससे ट्रेडरों और लघु अवधि के निवेशकों को इस कीमत रुख का फायदा उठाने का मौका मिला है। वायदा बाजार के साथ एक खास बात यह है कि बाजार का रुख कैसा भी हो, यह मुनाफा कमाने का मौका देता है।’’