खास बातें
- भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि इस बात की संभावना है कि सब्सिडी वाले कृषि ऋण का इस्तेमाल दूसरे कार्यों में किया जा रहा है।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि इस बात की संभावना है कि सब्सिडी वाले कृषि ऋण का इस्तेमाल दूसरे कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने योजना में सुधार का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चाओं से जुड़े प्रमाण हैं जो यह बताते हैं कि बाजार दर से कम ब्याज पर दिए जाने वाले कृषि ऋण को गैर कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा हैं।
सुब्बाराव ने कहा कि इससे ब्याज सहायता वाली योजना का मकसद पूरा नहीं हो पाता और इसमें सुधार किए जाने की जरूरत है। कृषि ऋण के सही इस्तेमाल के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था की जरूरत है।
सुब्बाराव ने राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 30वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में बैंक शाखाओं के दौरे के बाद उन्हें इस रुख का पता चला है। उन्होंने कहा कि ऐसे में ब्याज सहायता वाली योजना में सुधार की जरूरत है। साथ ही ऋण देते समय अंतिम इस्तेमाल वाले कारकों को कड़ा किया जाना चाहिए। ब्याज सब्सिडी की वजह से किसानों को कृषि ऋण पर सालाना 4 प्रतिशत का ही ब्याज देना होता है।