यह ख़बर 27 जुलाई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

कपिल सिब्बल ने गरीबी की योजना आयोग की परिभाषा की आलोचना की

खास बातें

  • केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने आज गरीबी का आकलन करने के योजना आयोग के तरीके को चुनौती देते हुए कहा कि पांच लोगों का परिवार 5,000 रुपये मासिक की आय में गुजर नहीं कर सकता।
नई दिल्ली:

केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने आज गरीबी का आकलन करने के योजना आयोग के तरीके को चुनौती देते हुए कहा कि पांच लोगों का परिवार 5,000 रुपये मासिक की आय में गुजर नहीं कर सकता।

सिब्बल ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, अगर योजना आयोग ने कहा है कि कोई परिवार 5,000 रुपये मासिक से अधिक की आय पर गुजारा कर रहा है तो वह गरीब नहीं हैं, तो निश्चिततौर पर इस देश में गरीबी की परिभाषा में कुछ गलत है।

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भला कोई 5,000 रुपये में कैसे गुजारा कर सकता है? इस सप्ताह की शुरुआत में योजना आयोग ने कहा था कि पांच लोगों का परिवार अगर ग्रामीण इलाके में 4,080 रुपये मासिक और शहरी क्षेत्र में 5,000 रुपये मासिक खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा में नहीं आएगा।