खिलौने कारोबार श्रम आधारित है.
नई दिल्ली: खिलौना विनिर्माताओं ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाने की मांग की है. उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की शनिवार को बुलाई गई बैठक में खिलौना उद्योग के प्रतिनिधियों ने इन मुद्दों को उठाया.
इस बैठक में वैश्विक और घरेलू खिलौना कंपनियों के प्रतिनिधियों, खुदरा कारोबारियों, संघों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक की अध्यक्षता डीपीआईआईटी के सचिव राजेश कुमार सिंह ने की.
भारतीय खिलौना संघ (टीएआई) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और लिटल जीनियस टॉयज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नरेश गौतम ने कहा कि पीएलआई और जीएसटी के अलावा उद्योग ने ऋण से जुड़ी पूंजी सब्सिडी योजना (सीएलसीएसएस) को फिर शुरू करने की भी मांग की है.
बैठक में शामिल रहे गौतम ने कहा, ‘‘पीएलआई योजना आज के समय की जरूरत है और इससे उद्योग को कारोबार के बड़े अवसरों का दोहन करने में मदद मिलेगी.''
गौतम पिछले 32 साल से लकड़ी के खिलौने बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह श्रम आधारित क्षेत्र है और सरकार के समर्थन उपायों से रोजगार पैदा करने और निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी.