नई दिल्ली: आयकर कानून की समीक्षा के लिए गठित कार्यबल को अपनी रपट दाखिल करने के लिए तीन महीने का समय और दे दिया गया है. वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार अब यह कार्यबल अपनी रपट अगस्त तक सरकार को सौंप सकेगा.
वित्त मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में यह कार्यबल गठित किया था ताकि देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व अन्य देशों के मौजूदा कानूनों के हिसाब से प्रत्यक्ष कर कानूनों का मसौदा तैयार किया जा सके.
सीबीडीटी के सदस्य अरबिंद मोदी की अध्यक्षता वाले इस कार्यबल को अपनी रपट इस महीने के आखिर तक दाखिल करनी थी. यह समिति नये आयकर कानून का मसौदा तैयार करेगी. यह कानून 1961 से लागू मौजूदा आयकर कानून का स्थान लेगा.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा है कि सरकार ने कार्यबल की समयावधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई है.