खास बातें
- ब्रॉडबैंड सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में गलत अनुपालन रिपोर्ट देने पर दूरसंचार कंपनियों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
नई दिल्ली: ब्रॉडबैंड सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में गलत अनुपालन रिपोर्ट देने पर दूरसंचार कंपनियों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने ब्रॉडबैंड सेवाओं की गुणवत्ता (संशोधन) अधिनियम, 2012 में कहा है कि यदि ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करने वाली कंपनी द्वारा दी गई अनुपालन रिपोर्ट गलत पाई जाती है, तो उस पर वित्तीय जुर्माना लगेगा। यह जुर्माना 10 लाख रुपये से अधिक नहीं होगा।
नए नियमन 1 जनवरी, 2013 से प्रभावी होंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि यदि सेवा प्रदाता द्वारा दी जा रही ब्रॉडबैंड सेवाएं सेवा की गुणवत्ता के मानक पर खरी नहीं उतरती हैं, तो उसे प्रत्येक मानदंड पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा।
इस तरह की गलती दूसरी बार होने पर प्रत्येक मानदंड पर जुर्माना राशि एक लाख रुपये तक होगी।