नई दिल्ली:
प्रमुख दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन, आरकॉम तथा आइडिया सेल्यूलर की अपने ऋण पर ब्याज देने की क्षमता 2007-08 के मुकाबले 2011-12 में कम हुई है। वहीं टाटा टेलीसर्विसेज नकारात्मक दायरे में रही।
निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों के शेयरहोल्डिंग प्रतिरूप, वित्त की दिशा तथा पूंजी ढांचा पर दूरसंचार नियामक ट्राई के अध्ययन के अनुसार वित्त वर्ष 2011-12 में इन पर कुल कर्ज 1.70 लाख करोड़ रुपये था। इसमें से 40,045 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा में लिया गया कर्ज था।
विदेशी मुद्रा में कर्ज 2007-08 के 13,929 करोड़ रुपये के मुकाबले 2011-12 में बढ़कर 40,045 करोड़ रुपये हो गया।
अध्ययन के अनुसार, वित्त वर्ष 2011-12 में विदेशी मुद्रा : बांड के रूप में कुल कर्ज में रिलायंस कम्युनिकेशंस, टाटा टेलीसर्विसेज, भारती एयरटेल तथा आइडिया की हिस्सेदारी 88 प्रतिशत रही। नियामक ने पाया कि वित्तीय शुल्क तथा कर पूर्व 5,945.75 करोड़ रुपये के घाटे की खबर दी है। मुद्रा में उतार-चढ़ाव समेत वित्तीय शुल्क 17,433.51 करोड़ रुपये रहा।