न्यूयॉर्क/मुंबई: भारत की शीर्ष आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) पर अमेरिका में कथित तौर पर सॉफ्टवेयर की जानकारी चुराने के जुर्म में 94 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊंची अदालत में अपील करेगी।
अमेरिका की विस्कांसिन की पश्चिमी जिले की संघीय अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले में 70 करोड़ डॉलर का दंडात्मक हर्जाना भी शामिल है। साथ ही कंपनी और उसकी अमेरिकी इकाई टाटा अमेरिका इंटरनेशनल कॉरपोरेशन को हेल्थकेयर से जुड़ी सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ के जुर्म में एपिक सिस्टम कॉर्प को 24 करोड़ डॉलर का हर्जाना चुकाने को कहा गया है।
साक्ष्य पर सवाल
टीसीएस ने आईएएनएस को मेल भेजकर बयान जारी करते हुए कहा, "टीसीएस कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान करती है। लेकिन अमेरिकी अदालत का यह फैसला अप्रत्याशित है, क्योंकि कंपनी का मानना है कि इसकी सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए साक्ष्य अपर्याप्त थे।" इसमें कहा गया, "टीसीएस ऊंची अदालतों में अपील कर जोरदार तरीके से अपना पक्ष रखेगी।"
अमेरिकी कंपनी का कहना है कि टीसीएस ने उसके सॉफ्टवेयर और उससे जुड़े दस्तावेजों से उसके फीचर्स की जानकारी चुराई और एक प्रतिद्वंद्वी सॉफ्टवेयर को विकसित किया।
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