यह ख़बर 03 मार्च, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'करदाताओं को यजमान समझें राजस्व सेवा अधिकारी'

खास बातें

  • प्रणब मुखर्जी ने संसद भवन परिसर में भारतीय राजस्व सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
New Delhi:

वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने प्रतिबद्ध करदाताओं को अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बताया और राजस्व सेवा के प्रोबेशनरी अधिकारियों से कहा कि वह करदाताओं को अपना यजमान समझें प्रतिवादी नहीं। मुखर्जी ने गुरुवार को यहां संसद भवन परिसर में भारतीय राजस्व सेवा :आईआरएस: के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा करदाताओं को प्रतिवादी नहीं समझा जाना चाहिये, वास्तव में पूरी प्रतिबद्धता के साथ सरकार को कर देने वाले लोग ही अर्थव्यवस्था के विकास के इंजन हैं, उन्हें राजस्व विभाग को अपना महत्वपूर्ण यजमान मानना चाहिये। वित्त मंत्री ने कहा कि जहां एक तरफ जानबूझकर कर चोरी करने वालों को दंडित किये जाने की जरुरत हैं वहीं करदाताओं के लिये व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। राजस्व सेवा में आने वाले ये परिवीक्षाधीन अधिकारी यहां संसदीय प्रक्रिया और कार्यसंचालन को समझने के लिये एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में यहां पहुंचे थे। संसदीय अध्ययन और प्रशिक्षण ब्यूरो ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। मुखर्जी ने कहा कि उदारीकरण, वैश्वीकरण और प्रौद्योगिकी उन्नयन अब केवल शब्दों तक ही सीमित नहीं रह गये हैं बल्कि अब यह वास्तविकता बन गई है और व्यक्ति और बाजार शाक्तियां इसे चला रही हैं हालांकि ऐसा भी कई बार होता है परिस्थितियां व्यक्तिगत नियंत्रण से बाहर होती हैं।


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