टाटा पावर ओडिशा में स्वच्छ-हरित ऊर्जा उत्पादों और समाधानों की पेशकश करेगी

टाटा पावर के सीईओ ने  कहा कि ओडिशा में वितरण कंपनियां न केवल कुल तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (एटी एंड सी) को कम करने में सक्षम हैं, बल्कि विश्वसनीयता और ग्राहक संपर्क में भी सुधार हुआ है.

टाटा पावर ओडिशा में स्वच्छ-हरित ऊर्जा उत्पादों और समाधानों की पेशकश करेगी

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की भी  योजना बनाई जा रही है.

नई दिल्ली:

निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी टाटा पावर (Tata Power) ओडिशा के लोगों के लिए स्वच्छ और हरित ऊर्जा  (clean & green energy) उत्पाद तथा समाधान उपलब्ध करवाएगी. टाटा पावर के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) प्रवीर सिन्हा ने गुरुवार को इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम (आईएसजीएफ) द्वारा आयोजित 'वितरण उपयोगिता बैठक' में भाग लेते हुए यह बात कही है. इस दौरान उन्होंने कहा,ओडिशा सार्वजनिक-निजी भागीदारी का सबसे अच्छा मॉडल है, जो राज्य के ग्राहकों को बेहतर परिणाम दे रहा है. ओडिशा में बिजली वितरण का काम कम समय में एक सराहनीय बदलाव के दौर से गुजर रहा है.

उन्होंने ओडिशा के लोगों को स्वच्छ और हरित ऊर्जा उत्पादों तथा समाधानों की पेशकश करने से जुड़े सवालों का जवाब कहा कि टाटा पावर की देते हुए कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की भी योजना बनाई जा रही है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए टीपी डिस्कॉम छतों पर (रूफटॉप) सौर परियोजनाओं को लगाएगी,सौर पंप और होम ऑटोमेशन सॉल्यूशन पेश करेगी.

टाटा पावर के सीईओ ने  कहा कि ओडिशा में वितरण कंपनियां न केवल कुल तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (एटी एंड सी) को कम करने में सक्षम हैं, बल्कि विश्वसनीयता और ग्राहक संपर्क में भी सुधार हुआ है. जिसके परिणामस्वरूप फीडर ट्रिपिंग में 30-40 फीसदी कमी दर्ज हुई है. उन्होंने कहा, ओडिशा में हमारS वितरण व्यवसाय से जुड़े सभी चार टाटा पावर डिस्कॉम ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान कर रहे हैं.

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ओडिशा में कुल चार डिस्कॉम- टीपीसीओडीएल, टीपीएनओडीएल, टीपीएसओडीएल और टीपीडब्ल्यूओडीएल उपलब्ध हैं, जो 9.5 मिलियन से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करते हैं. जानकारी के मुताबिक, राज्य में लगभग 20 लाख बंद पड़े मीटरों को टाटा पावर के नेतृत्व वाले डिस्कॉम द्वारा बदल दिया गया है. इसके साथ ही सभी डिस्कॉम में सेंट्रल पावर सिस्टम कंट्रोल सेंटर (सीपीएससीसी) स्थापित किए गए हैं. इतना ही नहीं, आसान और बेहतर बिलिंग प्रक्रिया के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रीड (ओसीआर) तकनीक लागू की गई है. इसके साथ ही ग्राहकों के कई पुराने मुद्दों को सुलझा लिया गया है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)