यह ख़बर 23 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

और पांच लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति

खास बातें

  • खाद्य मंत्री केवी थामस ने कहा, ईजीओएम ने 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की मंजूरी दी है।
नई दिल्ली:

सरकार ने खुले सामान्य लाइसेंस (ओजीएल) के तहत 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की अनुमति बृहस्पतिवार को दी। मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की बैठक के बाद खाद्य मंत्री केवी थामस ने कहा, ईजीओएम ने 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की मंजूरी दी है। अप्रैल में सरकार ने ओजीएल के तहत 5,00,000 टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इसका मतलब है कि निर्यातक बिना किसी बाधा के इतनी मात्रा में चीनी का निर्यात कर सकते हैं। हालांकि चीनी पर भंडार रखे जाने की सीमा हटाये जाने के बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ। थामस ने कहा कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में ईजीओएम की बैठक में गरीबी रेखा के उपर रहने वाले (एपीएल) परिवार को 50 लाख टन अतिरिक्त अनाज आवंटन का निर्णय किया गया। ईजीओएम के प्रमुख सदस्य कृषि मंत्री पवार बैठक में मौजूद नहीं थे। वह पेरिस में जी20 की बैठक में शरीक होने गए हुए हैं। उद्योग ने इस साल बेहतर उत्पादन का हवाला देते हुए 15 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया था। पवार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे चीनी के निर्यात की अनुमति दिये जाने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि वैश्विक स्तर पर इस समय चीनी के दाम ऊंचे है और इसे भुनाने के लिये केवल महीने का समय बचा है। उन्होंने कहा था कि घरेलू उत्पादन बेहतर रहने का अनुमान तथा वैश्विक कीमत उंची रहने की वजह से चीनी के निर्यात का मामला बनता है। देश में 2010-11 (अक्तूबर-सितंबर) के दौरान चीनी उत्पादन 2.42 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो इससे पूर्व सीजन में 1.89 करोड़ टन था।


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