खास बातें
- टाटा स्टील ने कहा कि कंपनी ने झारखंड में जमीन की सब-लीजिंग के नियम प्रक्रिया की कोई अवहेलना नहीं की है।
जमशेदपुर: टाटा स्टील ने शुक्रवार को कहा कि उसने झारखंड में जमीन की सब-लीजिंग के नियम प्रक्रिया की कोई अवहेलना नहीं की है। इस मामले को लेकर पिछले दिनों राज्य विधानसभा में काफी हंगामे के बाद कंपनी ने यह बयान दिया है। कंपनी का कहना है कि झारखंड सरकार तथा कपंनी ने 20 अगस्त 2005 को पट्टेदारी के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और सब-लीज प्रक्रिया उसी के हिसाब से है। कंपनी के बयान में कहा गया है, 'हम बताना चाहेंगे कि दोनों पक्षों में हस्ताक्षरित लीज दस्तावेज के हिसाब से सब-लीजिंग प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता तथा विचलन नहीं है। इसमें कहा गया है कि जमीन लीज सांविधिक तथा अनवरत लीज है जिसका हर 30 साल में नवीकरण होता है। इसी लीज में सब-लीजिंग का प्रावधान है। कंपनी का दावा है कि सब लीजिंग समुचित ढंग से की गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले बुधवार को झारखंड विकास मोर्चा :प्रजातांत्रिक: सहित विपक्षी दलों ने यह मामला उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। इसके चलते विधानसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित करनी पड़ी थी।