खास बातें
- न्यायालय ने दोनों पक्षों से हड़ताल खत्म करने के लिए कहा है। एमिकस क्योरी अदालत को मामले के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराता है।
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने एयर इंडिया प्रबंधन और हड़ताली पायलटों के बीच बने गतिरोध मामले में अदालत की सहायता के लिए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा को एमिकस क्योरी नियुक्त किया है। साथ ही न्यायालय ने दोनों पक्षों से सात दिनों से जारी हड़ताल खत्म करने के लिए कहा है। एमिकस क्योरी अदालत को मामले के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराता है। अदालती आदेश के बावजूद पायलटों द्वारा हड़ताल खत्म नहीं करने के कारण दिल्ली उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने सोमवार को भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ के खिलाफ आपराधिक अवमानना के मामले की सुनवाई शुरू की थी। न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति वीना बीरबल की पीठ ने एयर इंडिया प्रबंधन और हड़ताल करने वाले संघ से कहा, "आपके कारण देश को नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा?" "नागरिकों के लिए परेशानी खड़ी कर आप राष्ट्र और नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोपी हैं। अब यह नुकसान करदाताओं से वसूला जाएगा। नागरिकों पर दोहरी मार पड़ेगी।" पीठ ने कहा कि किसी समाधान के साथ न तो प्रबंधन और न ही पायलट आगे आए हैं। पीठ ने कहा कि यदि पायलट हड़ताल खत्म करना चाह रहे है तो, "प्रबंधन भी हड़ताल खत्म कराना नहीं चाहता।" न्यायमूर्ति अहमद और न्यायमूर्ति बीरबल ने कहा, "प्रबंधन नागरिकों से बेईमानी नहीं कर सकता। यदि वह ऐसा करते हैं तो इसकी चिंता करने के लिए हम यहां मौजूद हैं। हम विस्तृत मुद्दे पर विचार कर रहे हैं। हड़ताल खत्म करें।" सात दिनों से जारी हड़ताल के कारण एयर इंडिया को 165 घरेलू और क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी है। एयर इंडिया में कुल 1,600 पायलट पदस्थ हैं और सामान्य तौर पर प्रतिदिन 320 उड़ानें संचालित की जाती हैं। इस बीच जन समर्थन हासिल करने के लिए एयर इंडिया प्रबंधन ने हड़ताल के औचित्य पर सवाल उठाने वाले विज्ञापन विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित कराए हैं। इन विज्ञापनों में सरकारी क्षेत्र की इस विमानन कम्पनी ने कहा, "अधिकांश पायलटों को मुफ्त यात्रा और अन्य लाभों के अलावा 3.88 लाख रुपये प्रति महीने से लेकर 7 लाख रुपये प्रति महीने तक का वेतन मिलता है।" "प्रतिदिन 10,000 यात्रियों को यात्रा रद्द करनी पड़ रही है और 40,000 अन्य यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।" एयर इंडिया ने कहा, "क्या वित्तीय जटिल स्थिति में सरकारी मदद से संचालित हो रही एयर इंडिया को इस तरह की ब्लैकमेलिंग के सामने दम तोड़ना चाहिए?" इसके अलावा कम्पनी ने हड़ताल की अवधि के लिए पायलटों को वेतन का भुगतान नहीं करने का फैसला किया है और पायलटों और उनके परिवार को दी जाने वाली मुफ्त यात्रा की सुविधा भी खत्म कर दी है।