मुंबई: बंबई शेयर बाजार पर सोमवार का दिन भारी रहा। पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट) के लिए सख्त नियम बनने की चिंता एवं चीन के शेयर बाजारों में तेज गिरावट के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज 551 अंक टूटकर पांच सप्ताह से भी अधिक के निचले स्तर 27,561.38 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज :एनएसई: का निफ्टी भी आज 161 अंक टूट गया।
तीस शेयरों वाला सेंसेक्स कमजोर खुला और कारोबार के दौरान दिन के निचले स्तर 27,529.57 अंक पर आ गया। हालांकि, बाद में हल्का लिवाली समर्थन मिलने से यह 550.93 अंक नीचे रहकर 27,561.38 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, सेंसेक्स 19 जून को इस स्तर के आसपास था। पिछले तीन कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 943.55 अंक टूट चुका है।
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी चौतरफा बिकवाली का शिकार हुआ और 160.55 अंक नीचे 8,361.00 अंक पर बंद हुआ।
शेयर ब्रोकरों ने कहा कि बाजार में इस बात की चिंता है कि सरकार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच टीम की सिफारिशें स्वीकार कर सकती है। इस टीम ने पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के लिए सख्त नियमों की सिफारिश की है। हालांकि, वित्त मंत्री अरण जेटली के इस बयान का बाजार पर कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ा जिसमें वित्त मंत्री ने कहा कि पी-नोट्स मामले में सरकार जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगी।
ब्रोकरों ने कहा कि अन्य एशियाई बाजारों में बिकवाली दबाव का भी घरेलू बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता इस गिरावट की प्रमुख वजह रही। चीन का शंघाई शेयर बाजार आठ प्रतिशत से अधिक टूट गया।