खास बातें
- बंबई शेयर बाजार में पिछले चार सत्रों से चली आ रही तेजी का सिलसिला थम गया और सेंसेक्स 243 अंक की गिरावट के साथ 17,675.85 अंक पर आ गया।
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती न किए जाने और शुक्रवार को आम बजट से पहले निवेशकों द्वारा सतर्क रुख अपनाए जाने से गुरुवार को बंबई शेयर बाजार में पिछले चार सत्रों से चली आ रही तेजी का सिलसिला थम गया और सेंसेक्स 243 अंक की गिरावट के साथ 17,675.85 अंक पर आ गया। राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से भी बाजार की धारणा प्रभावित हुई, हालांकि सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7.6 प्रतिशत रखा है।
ब्रोकरों ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को हटाए जाने की मांग से राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बना है, जिसका प्रभाव बाजार पर दिखाई दिया।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 243.45 अंक या 1.36 प्रतिशत के नुकसान के साथ 17,675.85 अंक पर बंद हुआ। एक समय यह 17,622.13 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया था। इससे पिछले चार सत्रों में सेंसेक्स 773 अंक चढ़ा था। इसी के अनुरूप नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 83.40 अंक या 1.53 प्रतिशत के नुकसान से 5,380.50 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती न किए जाने की वजह से बैंक, टिकाउ उपभोक्ता कंपनियों, रीयल्टी और पूंजीगत वस्तुओं की कंपनियों के शेयर बिकवाली दबाव में रहे। रिजर्व बैंक ने रेपो दर को 8.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है।
इस बीच, संसद में आज पेश 2011-12 की आर्थिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है। हालांकि अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, लेकिन इससे निवेशकों के मूड में बदलाव नहीं आया। बोनान्जा पोर्टफोलियो ने कहा, ‘बाजार केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहा था। लेकिन ऐसा न होने से निराशा बढ़ी। बैंकिंग शेयर सबसे अधिक प्रभावित हुए।’ इसके अलावा सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया है कि चालू वित्त वर्ष में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 4 से 5 प्रतिशत रहेगी। इससे भी धारणा प्रभावित हुई।
चीन की वृद्धि दर को लेकर चिंता बढ़ने से एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। इंडोनेशिया, चीन, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजार 0.73 प्रतिशत तक की गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, हांगकांग और जापान के बाजार लाभ के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में मिलाजुला रुख था।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 22 के शेयर नुकसान में रहे, जबकि अन्य में लाभ दर्ज हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में डीएलएफ का शेयर 4.76 प्रतिशत के नुकसान के साथ बंद हुआ। भेल का शेयर 3.73 प्रतिशत नीचे आया। इसी तरह एचडीएफसी बैंक (3.05 प्रतिशत), आईसीआईसीआई (2.47 प्रतिशत), ओएनजीसी (2.45 प्रतिशत), स्टरलाइट (2.36 प्रतिशत), एलएंडटी (2.27 प्रतिशत), एचडीएफसी (2.23 प्रतिशत), कोल इंडिया (2.22 प्रतिशत), एसबीआई (2.21 प्रतिशत), रिलायंस इंडस्ट्रीज (2 प्रतिशत), भारती एयरटेल (1.80 प्रतिशत), एमएंडएम (1.58 प्रतिशत), हिंडाल्को (1.56 प्रतिशत), बजाज आटो (1.41 प्रतिशत), और आईटीसी (1.08 प्रतिशत) भी गिरावट के रुख के साथ बंद हुए। हालांकि, हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 1.80 प्रतिशत चढ़ा, जबकि विप्रो में 1.43 प्रतिशत और एनटीपीसी में 1.13 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ।