खास बातें
- बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में इस सप्ताह नीरस और फीका कारोबार रहेगा, क्योंकि साल के अंत में निवेशक बाजार से दूर रहना चाहेंगे।
New Delhi: वर्ष 2011 के आखिरी हफ्ते और क्रिसमस व नए साल की छुट्टियों को देखते हुए अगले सप्ताह शेयर बाजार में छुट्टियों का माहौल रहने की संभावना है तथा बाजार में तेजी की ओर उन्मुखता के साथ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पिछले सप्ताह खाद्य मुद्रास्फीति में भारी गिरावट और भारत सरकार के दीर्घावधि बांड का वैश्विक साख निर्धारक एजेंसी मूडी द्वारा साख के उन्नयन के कारण शेयर बाजार में 248 अंकों की तेजी देखने को मिली। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 10 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में भारी गिरावट के साथ चार सालों के निम्न स्तर 1.81 प्रतिशत के स्तर पर आ गई, जो पूर्व सप्ताह 4.35 प्रतिशत थी। इस गिरावट से यह उम्मीद जगी है कि कुल मुद्रास्फीति में भी गिरावट आएगी और यह भारतीय रिजर्व बैंक को अर्थव्यवस्था की मंद होती चाल में तेजी लाने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए प्रेरित करेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में इस सप्ताह नीरस और फीका कारोबार रहेगा, क्योंकि साल के अंत में निवेशक बाजार से दूर रहना चाहेंगे, हालांकि बाजार की अंतर्चाल में तेजी रहेगी। सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर पी ओस्तवाल ने कहा, शेयर बाजारों में पहले से गिरावट का रुख है और इस सप्ताह इससे ज्यादा बुरा नहीं हो सकता। सबकी नजर गुरुवार को व्युत्पन्न सौदों की समयसीमा की समाप्ति पर रहेगी। बाजार में कुछ तेजी आ सकती है, क्योंकि बाजार में अत्यधिक बिकवाली हो चुकी है तथा दूसरी ओर अमेरिकी बाजारों में सुधार के लक्षण दिख रहे हैं। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि निवेशक नए साल में ताजा निवेश करने को तरजीह दे सकते हैं। कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान ने कहा, आने वाले सप्ताह में बाजार में 4,630 अंक से 4,850 अंकों के बीच में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी के बाद सोमवार को यहां शेयर बाजार में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है। जियोजित बीएनपी पारिबास के शोध प्रमुख एलेक्स मैथ्यू ने कहा, बाजार में छुट्टियों का माहौल है, जिसके कारण बाजार में सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है तथा नए साल में विदेशी निधियों के ताजा निवेश के बाद ही कोई महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई दे सकती है। बाजार पर्यवेक्षकों का मानना है कि कोई महत्वपूर्ण घरेलू अथवा वैश्विक संकेतों की नामौजूदगी भी अगले सप्ताह बाजार में कम कारोबार का कारण बन सकता है जो साल का अंतिम सप्ताह है। उन्होंने कहा कि सीमित दायरे वाले कारोबार के बावजूद शेयर बाजार का सकारात्मक रुख लिए बंद होगा।