खास बातें
- ऊर्जा क्षेत्र की कम्पनी एचएचवी सोलर टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने एक पोर्टेबल सौर फोटोवोल्टेइक बिजली जेनरेटर 'सोलरेटर' का विकास किया है। छह सौ वाट क्षमता वाले इस जेनरेटर का इस्तेमाल गांवों में आपात स्थिति में किया जा सकता है।
बेंगलुरू: ऊर्जा क्षेत्र की कम्पनी एचएचवी सोलर टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने एक पोर्टेबल सौर फोटोवोल्टेइक बिजली जेनरेटर 'सोलरेटर' का विकास किया है। छह सौ वाट क्षमता वाले इस जेनरेटर का इस्तेमाल गांवों में आपात स्थिति में किया जा सकता है।
कम्पनी के अध्यक्ष प्रशांत सखामुरी ने सोमवार को कहा, "जेनरेटर का वजन 415 किलोग्राम है और आपात स्थिति में जब गांवों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो जाए, तब इसे किसी वाहन से उठाकर वहां ले जाया जा सकता है।"
सखामुरी ने कहा, "भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देशों जहां साल के 10 महीने सौर ऊर्जा उपलब्ध रहती है, सोलरेटर डीजल से चलने वाले जेनरेटर का सही विकल्प हो सकता है।"
सोलरेटर को ऐसे परियोजना स्थलों पर भी लगाया जा सकता है, जहां ग्रिड से बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही हो।
उन्होंने कहा कि हमारे पोर्टेबल जेनरेटर की तैनाती सेना सीमा पर कर सकती है या दुर्घटना क्षेत्र में राहत अभियान चलाने में इसका उपयोग हो सकता है, जहां पारम्परिक स्रोत या अन्य विकल्प से बिजली की आपूर्ति न हो।
कम्पनी ने शहर के बाहरी इलाके डोबसपेट में इस जेनरेटर के उत्पादन के लिए निर्माण इकाई की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उत्पाद की कीमत 3.2 लाख रुपये चार लाख रुपये के बीच रखी गई है।