खास बातें
- मारुति सुजुकी, हुंदै मोटर और टाटा मोटर्स जैसी अग्रणी कंपनियों को फोर्ड इंडिया और फाक्सवैगन जैसी कंपनियों से टक्कर मिल रही है।
New Delhi: भारत में छोटी कार बाजार में कई नई कंपनियों के दस्तक देने के साथ मारुति सुजुकी, हुंदै मोटर और टाटा मोटर्स जैसी अग्रणी कंपनियों को फोर्ड इंडिया और फाक्सवैगन जैसी कंपनियों से टक्कर मिल रही है। सियाम के मुताबिक, वर्ष 2010-11 में छोटी कार बाजार में फोर्ड इंडिया और फाक्सवैगन ने हिस्सेदारी बढ़ाई। इस दौरान कार बाजार में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी घटकर 48.74 प्रतिशत रह गई, जो 2009.10 में 50.09 प्रतिशत थी। हालांकि, घरेलू बाजार में मारुति सुजुकी की बिक्री बढ़कर 9,66,447 कारों पर पहुंच गई, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष में 7,65,533 कारों की थी। वर्ष 2010-11 में घरेलू बाजार में पैसेंजर कारों की कुल बिक्री 29.73 प्रतिशत बढ़कर 19,82,702 कारों पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 15,28,337 कारों की थी। इस दौरान हुंदै मोटर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी घटकर 18.10 प्रतिशत पर आ गई, जो 2009-10 में 20.61 प्रतिशत थी। कंपनी ने 2010-11 में 3,58,904 कारें बेचीं, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में उसने 3,14,967 कारें बेची थीं। इसी तरह, टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी भी घटकर 12.92 प्रतिशत पर आ गई, जो 2009-10 में 13.18 प्रतिशत थी। वर्ष 2010-11 में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में फोर्ड और फाक्सवैगन आगे रहीं। जहां फोर्ड ने फिगो के बल पर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई, वहीं फाक्सवैगन ने पालो की मदद से बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। वर्ष 2010-11 में फोर्ड की बिक्री 34,324 कारों से बढ़कर 95,395 कारों पर पहुंच गई और इस तरह से उसकी बाजार हिस्सेदारी 2.25 प्रतिशत से बढ़कर 4.81 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसी तरह, फाक्सवैगन की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 2.60 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 2009-10 में महज 0.27 प्रतिशत थी। वर्ष 2010-11 में फाक्सवैगन ने 51,608 कारें बेचीं, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में महज 4,094 कारों की थी।