वाहन और सीमेंट कंपनियां मंगलवार, एक अक्टूबर 2013 से सितंबर माह में हुई बिक्री के आंकड़े जारी करनी शुरू करेंगी। निवेशक इन आंकड़ों से निवेश में निवेश की संभावना ढूंढेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक सोमवार, 30 सितंबर 2013 को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही के आखिर में देश के चालू खाता घाटा से संबंधित आंकड़े जारी करेगा।
निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह भी रुपये की चाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की चाल पर टिकी रहेगी।
एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 13,228.40 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की और 5,922.50 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। 2013 में एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 73,398 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली कर ली, जबकि 2012 में एफआईआई ने कुल 1,28,359.80 करोड़ रुपये की लिवाली की थी।
इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार, 27 सितंबर को 62.34 पर पहुंच गया, जो 28 अगस्त, 2013 को 68.80 के स्तर पर था।
इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं।
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।