खास बातें
- देश के सेवा क्षेत्र में एफडीआई गत वित्तवर्ष की अप्रैल-फरवरी अवधि में लगभग 22 प्रतिशत घटकर 14,958 करोड़ रु रह गया।
New Delhi: देश के सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) गत वित्तवर्ष की अप्रैल-फरवरी अवधि में लगभग 22 प्रतिशत घटकर 3.27 अरब डॉलर (14,958 करोड़ रु) रह गया। उद्योग मंत्रालय का कहना है कि सेवा क्षेत्र (वित्तीय एवं गैर वित्तीय सेवा) में एफडीआई अप्रैल-फरवरी 2009-10 में 4.18 अरब डॉलर (20,015 करोड़ रु) रहा था। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यूरोप में जारी सरकारी रिण संकट के कारण निवेशक विदेशों में निवेश करने में सतर्कता बरत रहे है जिस कारण भारत में एफडीआई अपेक्षाकृत कम रहा। एक अधिकारी के अनुसार वैश्विक आर्थिक हालात अब भी नरम है और इससे भारत में एफडीआई का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। आलोच्य अवधि में 22 प्रतिशत गिरावट के बावजूद सेवा क्षेत्र सबसे अधिक निवेश आकषिर्त करने वाला क्षेत्र रहा। इस लिहाज से दूरसंचार खंड दूसरे, आटोमोबाइल तीसरे, बिजली तीसरे, आवास एवं जमीन जायदाद चौथे स्थान पर है। इन क्षेत्रों में एफडीआई क्रमश: 1.41 अरब डॉलर, 1.32 अरब डॉलर, 1.23 अरब डॉलर, 1.10 अरब डॉलर रहा।