फेड ने दो दिवसीय सम्मेलन के बाद बुधवार को 2008 की मंदी के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी के रूप में दिए जा रहे प्रोत्साहन को जारी रखने का फैसला किया। अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने के बाद पिछले कुछ महीने से इसे चरणबद्ध तरीके से बंद करने की चर्चा थी। लेकिन बाजार के अनुमान के उलट फेड ने प्रोत्साहन को फिलहाल कम से कम अगले महीने तक या अगर जरूरी हो तो अगले साल तक जारी रखने का फैसला किया है।
फेड का यह फैसला भारत तथा अन्य उभरते देशों की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक तथा अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां इस प्रोत्साहन के बंद होने की आशंका से मुद्रा और बाजार में अत्यधिक अस्थिरता देखी जा रही थी।
गुरुवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 392.57 अंकों की तेजी के साथ 20,354.73 पर खुला और 684.48 अंकों या 3.43 फीसदी की तेजी के साथ 20,646.64 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,739.69 के ऊपरी और 20,347.30 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। एसबीआई (8.07 फीसदी), टाटा स्टील (6.96 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.55 फीसदी), टाटा पावर (6.48 फीसदी) और एलएंडटी (6.26 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो शेयरों विप्रो (1.87 फीसदी) और कोल इंडिया (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 144.70 अंकों की तेजी के साथ 6,044.15 पर खुला और 216.10 अंकों या 3.66 फीसदी की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,142.50 के ऊपरी और 6,040.15 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।